Tuesday , 21 November 2017

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रोज़ बना रहे थे ढाई क्विंटल नकली घी

भोपाल। खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर शुक्रवार को राजधानी के काजी कैंप इलाके में नकली घी बनाने की फैक्टरी पकड़ी है। फैक्टरी में विभिन्न कंपनियों के वनस्पति और सोया तेल में शुद्ध घी का एसेंस मिलाकर नकली घी बनाया जा रहा था। अमले ने यहां से 28 क्विंटल नकली घी जब्त किया है। कारखाने में प्रतिदिन ढाई क्विंटल नकली घी बनाया जाता था।

गुरुवार को बोड़ा (पचौर) में राजू घुरानी और मो.सुलेमान कान्हा जी, श्री प्रभुजी, आस्था शुद्ध घी बेच रहे थे। दोनों व्यापारी एक मिनी ट्रक में घी भरकर ले गए थे। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत पचौर पुलिस थाने में की। इस पर पुलिस ने दोनों व्यापारियों से पूछताछ की तो उन्होंने शुद्ध घी बेचने से इनकार कर दिया। पुलिस ने दोनों व्यापारियों को हिरासत में लेकर उनसे साढ़े सात क्विंटल घी जब्त कर लिया। दोनों व्यक्तियों ने बताया घी भोपाल के काजी कैंप इलाके में बनता है। इसके बाद पचौर पुलिस, खाद्य अधिकारियों ने रात 12 बजे घी का कारखाना सील कर दिया।

दोपहर बाद कारखाने का निरीक्षण करने पर यहां कंटेनरों में पैकेट्स में रखा साढ़े 28 क्विंटल नकली घी जब्त किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने जब्त किए नकली घी की बाजार कीमत साढ़े चार लाख रुपए बताई है।

पड़ोसी जिलों में सप्लाई

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके नुनईया ने बताया कि महालक्ष्मी सेल्स से आस्था, कान्हा जी और प्रभुजी नाम से नकली की सप्लाई पड़ोसी जिलों में की जाती थी। उन्होंने बताया कि राजगढ़, ब्यावरा, गुना, शुजालपुर, विदिशा, सीहोर जिले इस नकली घी को शुद्ध घी बताकर 290 रुपए किलो के हिसाब से बेचा जाता था। इसके अलावा ये नकली घी व्यापारियों को दस किलो और पांच किलो की कैन में बेचा जाता था, जिसे व्यापारी फुटकर में बेचते थे।

घी नहीं बनाते थे

नकली घी कारखाने के मालिक मनोहर भुरानी ने बताया कि उनके यहां नकली घी नहीं बनाया जा रहा था। कारखाने में आस्था, प्रभुजी, कान्हा जी नाम से वंदना दीप द्रव्य बनाया जा रहा था। जो बाजार में पूजा का घी नाम से बिक रहा था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस के अधिकारी शुद्ध घी के नाम पर इस द्रव्य को बेचने की झूठी कहानी गढ़ रहे हैं। वंदना दीप द्रव्य बाजार में 90 रुपए लीटर के हिसाब से बिकता था।

गंध के लिए एसेंस

नकली घी के कारखाने में काम करने वाले मोहम्मद रईस (32) ने बताया कि वह कारखाने में रोजाना ढ़ाई क्विंटल नकली घी बनाता था। उसने बताया कि एक क्विंटल वनस्पति, सोया ऑयल में 100 एमएल नंदी ब्रांड का बटर कंपाउंड मिलाता था। इससे वनस्पति और सोया तेल में शुद्ध घी की गंध आने लगती थी।

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