Thursday , 23 November 2017

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संसद में हंगामा-सरकार और विपक्ष का पुराना खेल

संसद में हंगामा-सरकार और विपक्ष का पुराना खेल

पुरानी कहावत है कि जैसा बोओगे, वैसा काटोगे. विपक्ष में रहते हुए भारतीय जनता पार्टी ने जैसा गैरजिम्मेदाराना, अमर्यादित और अलोकतांत्रिक आचरण किया था और संसद न चलने देने को बाकायदा व ...

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अब तक का सबसे गर्म साल रहा 2014

अब तक का सबसे गर्म साल रहा 2014

न्यूयॉर्क, 19 जुलाई (आईएएनएस)| पूरी दुनिया में हर साल गर्मी का सितम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि साल 2014 अब तक का सबसे गर्म साल रहा है। 58 देशों ...

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आज का भारतीय लोकतंत्र एवं आपातकाल

आज का भारतीय लोकतंत्र एवं आपातकाल

अभी एक सप्ताह पहले उन्हीं की भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठतम नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आशंका व्यक्त की थी कि देश में लोकतंत्रविरोधी शक्तियां लोकतांत्रिक शक्तियों की तुलना में कहीं अध ...

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झिझक छोड़ दी, बहू-बेटियां बनाती, बेचती हैं नेपकिन

झिझक छोड़ दी, बहू-बेटियां बनाती, बेचती हैं नेपकिन

यह सब हो रहा है मप्र के उन छह जिलों में जहां महिलाओं के स्व-सहायता समूह पिछले तीन सालों से सेनेटरी नेपकिन बनाने का काम कर रहे हैं। यह समूह वर्तमान में हर रोज 1500 पैकेट सेनेटरी ने ...

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चतुर चरणदास और उसका आम आदमी

चतुर चरणदास और उसका आम आदमी

हस्तिनापुर की नाल में खूंटा गाड़ने के बाद चतुर चरणदास ने अरस्तू और चाणक्य की ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राजनीति के दर्शन पर अपना पहला प्रवचन दिया। विषय था आम आदमी बनाम खास आदमी। ...

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यज्ञ और विज्ञान

यज्ञ और विज्ञान

यज्ञीय विज्ञान मन्त्रों में अनेक शक्ति के स्रोत दबे हैं । जिस प्रकार अमुक स्वर-विन्यास ये युक्तशब्दों की रचना करने से अनेक राग-रागनियाँ बजती हैं और उनका प्रभाव सुननेवालों पर विभिन ...

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दूसरे के ‘मन की बात’ भी सुनिए मोदीजी!

दूसरे के ‘मन की बात’ भी सुनिए मोदीजी!

(पं. हरि ओम शर्मा 'हरि') अपने मन की बात तो आपने बहुत कह ली नरेंद्र मोदी जी, अब किसी दूसरे को भी अपने मन की बात सुनाने का अवसर दीजिए या अपनी ही सुनाते रहेंगे' की रट लगाए आज नारदजी ...

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माननीयों के सम्बन्ध में ही क्यों होती है तेज कार्यवाही-फेसबुक पोस्ट और आजम खान उवाच

माननीयों के सम्बन्ध में ही क्यों होती है तेज कार्यवाही-फेसबुक पोस्ट और आजम खान उवाच

सोशल मीडिया पर अपनी राय व्यक्त करते हुए सामुदायिक हित जैसी तमाम बातों का ध्यान रखने में यूजर की ही भलाई है. लेकिन भारत में इन मामलों में जितना तेज पुलिस एक्शन दिखता है, वैसा तब नह ...

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क्या भारतीय मीडिया परिपक्व है? उठते सवाल

क्या भारतीय मीडिया परिपक्व है? उठते सवाल

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रमुख हो या विचाराधीन मामलों में मीडिया का संयम. निर्मल यादव का कहना है कि भारत में फटाफट खबर ब्रेक करने की अंधाधुंध होड़ ने प्रेस की परिपक्वता पर सवालिय ...

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विश्व परिदृश्य और पत्रकारिता की भूमिका

विश्व परिदृश्य और पत्रकारिता की भूमिका

अमेरिका के एक जानेमाने न्यूज चैनल के एंकर ने इराक युद्ध की रिपोर्ट में मनगढ़ंत बातें जोड़ दी. ग्रैहम लूकस का कहना है कि यह मामला पत्रकारों की विश्वसनीयता और उनके मूल्यों पर सवाल खड़े ...

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