अंडर-17 विश्व कप का प्रचार 6-8 माह पहले ही शुरू हो : फीफा

कोलकाता, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंडर-17 फीफा विश्व कप की सफलता को सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त प्रचार अभियान की जरूरत बल देते हुए फुटबाल की विश्व नियामक संस्था-फीफा ने भारत को टूर्नामेंट के आयोजन से छह से आठ माह पहले ही इसकी तैयारियां शुरू करने का सुझाव दिया है।

कोलकाता, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। अंडर-17 फीफा विश्व कप की सफलता को सुनिश्चित करने हेतु पर्याप्त प्रचार अभियान की जरूरत बल देते हुए फुटबाल की विश्व नियामक संस्था-फीफा ने भारत को टूर्नामेंट के आयोजन से छह से आठ माह पहले ही इसकी तैयारियां शुरू करने का सुझाव दिया है।

भारत में अंडर-17 फीफा विश्व कप का आयोजन अगले साल अक्टूबर में होगा।

दक्षिण और मध्य एशिया में फीफा के क्षेत्रीय विकास अधिकारी शाहजी प्रभाकरन ने आईएएनएस के साथ एक खास बातचीत में कहा, “इस टूर्नामेंट के आयोजन में अब भी समय है। हालांकि, इसके विपणन क्षेत्र और प्रचार संबंधी तैयारियां इसके शुरू होने के तय समय से आठ माह पहले शुरू होनी चाहिए। यह प्रचारक समारोह व्यापक तौर पर होने चाहिए।”

प्रभाकरन ने कहा, “इस टूर्नामेंट के बारे में चर्चाओं का शोर होना चाहिए। इसके प्रशंसकों अधिक संख्या जरूरी है। प्रचार कार्यक्रम इस प्रकार होने चाहिए कि इसका असर टूर्नामेंट की समाप्ति के बाद भी लोगों के जेहन में रहे। इसलिए, प्रारंभिक तौर पर इसकी तैयारियां शुरू होनी चाहिए और सप्ताह दर सप्ताह ये आगे बढ़ती रहें।”

उन्होंने कहा कि अंडर-17 विश्व कप का लोगो जारी हो चुका है और इसके प्रचार की शुरुआत टिकटों से होनी चाहिए। इसके बाद मैस्कॉट लांच होगा। इस प्रकार की चीजें ही लोगों के बीच इस टूर्नामेंट को लेकर उत्साह पैदा करेंगी।

प्रभाकरन ने कहा, “मेजबान देश को इन चीजों के बारे में पता होना चाहिए और इसका प्रचार न केवल छह आयोजन स्थलों बल्कि पूरे देश में होना चाहिए। अगर इसकी शुरुआत टिकट बिक्री के साथ होती है, तो लोग प्रचार प्रक्रिया के तौर पर इन्हें खरीदेंगे।”

भारत के छह आयोजन स्थलों- नई दिल्ली, नवी मुंबई, गुवाहाटी, कोलकाता, कोच्चि और गोवा का निरीक्षण करने आए 13 सदस्यीय फीफा प्रतिनिधिमंडल में प्रभाकरन भी शामिल थे। इन आयोजन स्थलों के अलावा चार प्रशिक्षण स्थलों को भी फीफा की स्वीकृति मिल गई है।

टूर्नामेंट के अध्यक्ष जेवियर सेप्पी ने कहा था कि आयोजन स्थलों को मिली स्वीकृति का मतलब यह नहीं कि इन स्टेडियमों के प्रमुख अब राहत की सांस लेकर आराम के बारे में सोचें।

फीफा की ओर से अगले साल फरवरी-मार्च में होने वाले दौरे में इन छह आयोजन स्थलों में से किसी एक को हटाए जाने की संभावना के बारे में प्रभाकरन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि ऐसा होगा। इसका कोई विकल्प नहीं है और एक स्थल के स्थान पर किसी अन्य स्थल को तैयार करने में भी छह माह का समय लगेगा। फीफा अगली बार औपचारिकता के लिए एक या दो लोगों को ही निरीक्षण के लिए भेजेगा।”

पिछले साल आयोजित हुए अंडर-17 विश्व कप टूर्नामेंट के दौरान पूरे समय तक चिली में ही थे। नाइजीरिया ने माली को 2-0 से मात देकर इस खिताब को जीता था। चिली और भारत के आयोजनों की तुलना से बचते हुए प्रभाकरन ने कहा कि भारत एक अच्छा मेजबान देश है और टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर इसके कई तथ्य सकारात्मक हैं।

प्रभाकरन ने कहा कि भारत में इस टूर्नामेंट के आयोजन के कई तथ्य सकारात्मक हैं। इसके आयोजन के निरीक्षण को लेकर 2014 से अब तक हुए चौथे दौरे में उन्होंने बुनियादी ढांचों के स्तर पर कई बदलाव देखे। राज्य सरकारें इस मामले में काफी मददगार रही हैं।

प्रभाकरन ने कहा कि प्रशिक्षण स्थलों की पिचों पर काम करने की जरूरत है। हालांकि, इसके लिए काफी समय है।

उन्होंने कहा, “मैं चिली से इस आयोजन की तुलना नहीं कर सकता, लेकिन अगर मैं चिली और भारत के परिदृश्य को देखूं, तो कहूंगा कि टूर्नामेंट के आयोजन का काम सही पटरी पर चल रहा है।”

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