अंतरिक्ष में पुराने तारे की खोज

लंदन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के केपलर अंतरिक्षयान द्वारा चार सालों में भेजे गए डाटा के विश्लेषण के बाद अंतरिक्ष विज्ञानियों ने 11.2 अरब साल पुराने तारे की खोज की है। अंतरिक्ष विज्ञानियों ने पृथ्वी के आकार के पांच ग्रहों का भी पता लगाया है।

यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिघम के शोधकर्ता टिएगो कैंपेंटे ने बताया, “शोध में पता चला कि पृथ्वी के आकार के ग्रह ब्रह्मांड के 13.8 अरब वर्षो के इतिहास में निर्मित हुए हैं, जिससे आकाशगंगा में प्राचीन जीवन के अस्तित्व की संभावना का पता चलता है।”

शोध में बताया गया है कि आकार में सूर्य से 25 फीसदी छोटे तारे केपलर-444 की पृथ्वी से दूरी 117 प्रकाश वर्ष है।

इस तारे के पांच ग्रहों के आकार बुद्ध और शुक्र ग्रह से मिलते जुलते हैं। ये ग्रह अपने तारे से इतने पास हैं कि 10 दिनों से भी कम समय में तारे का चक्कर पूरा कर लेते हैं। तारे के इतने पास रहने के कारण ये सभी ग्रह बुद्ध से भी ज्यादा गर्म हैं और जीवन के अनुकूल नहीं हैं।

आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी में भौतिकी और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रोफेसर एवं सह-शोधकर्ता स्टीव केवलर ने बताया, “केपलर-444 बहुत चमकीला है और दूरबीन की सहायता से आसानी से देखा जा सकता है। यह आकाशगंगा के सबसे प्राचीन सौर मंडलों में से एक है।”

केवलर ने बताया कि इस सौर मंडल से पता चलता है कि ये ग्रह अपने तारे के आसपास करीब सात अरब वर्षो से अर्थात हमारे अपने सौर मंडल से भी पहले से निर्मित हो रहे थे।

लंबे समय से हमारी आकाशगंगा में तारों के आसपास ग्रहों के निर्माण और सौर मंडल की रचना आम बात है।

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