नई दिल्ली – अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने सेवा अवधि को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सेवा से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त समय सेना में काम करने का अवसर मिलेगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बुधवार को इस फैसले का ऐलान किया। इस दौरान अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते भी दिए जाएंगे। हालांकि, अतिरिक्त दो साल पूरे होने के बाद नियमित सैनिक बनने के लिए उन्हें चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा।
जून 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है। इस अवधि के बाद हर बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जाता है। शेष 75 प्रतिशत जवानों को सेवा से मुक्त करने का प्रावधान था। नई व्यवस्था में यह 25 प्रतिशत वाला नियम पहले की तरह जारी रहेगा। जबकि, बाकी अग्निवीरों को उनकी सहमति से दो साल और सेवा करने का विकल्प मिलेगा।
इस फैसले का असर सबसे पहले अग्निवीरों के शुरुआती बैच पर दिखाई देगा। आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर तक पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। यह 2022 में भर्ती हुए कुल 24,400 अग्निवीरों का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा है। पुरानी व्यवस्था के अनुसार, नवंबर के मध्य से इन जवानों को चरणबद्ध तरीके से सेना से बाहर किया जाना था। हालांकि, नए फैसले के बाद उन्हें दो साल अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिल सकेगा। इसके लिए अग्निवीरों की सहमति जरूरी होगी।
dharmpath.com dharmpath