अनाज उत्पादन में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सराहनीय : राधामोहन

रायपुर, 12 सितंबर (आईएएनएस/वीएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच खाद्यान्न और दलहन-तिलहन उत्पादन में छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय प्रगति होने पर राज्य में चलाई जा रही कृषि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना की।

रायपुर, 12 सितंबर (आईएएनएस/वीएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच खाद्यान्न और दलहन-तिलहन उत्पादन में छत्तीसगढ़ में उल्लेखनीय प्रगति होने पर राज्य में चलाई जा रही कृषि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना की।

उन्होंने कहा कि कृषि विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और राज्य के कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की प्रशंसा की।

सिंह ने सोमवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ की प्रमुख कृषि विकास योजनाओं की समीक्षा की। सिंह ने केंद्र सरकार के प्राथमिकताओं के आधार पर बारी-बारी से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

बैठक में कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री दयालदास बघेल, कृषि विभाग के संसदीय सचिव तोखन साहू, कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के.पाटिल उपस्थित थे।

केंद्रीय कृषि मंत्री सिंह ने बैठक में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता वाली स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण योजना की समीक्षा की। उन्होंने योजना के शत-प्रतिशत सफलता के लिए ग्राम पंचायतों में भी मिनी लैब स्थापित करने पर जोर दिया है।

सिंह ने कहा कि योजना के अंतर्गत मिट्टी परीक्षण के लिए स्थायी लैब स्थापित करने में खर्च अधिक आता है, चूंकि सभी किसानों को दो साल के अंदर उनकी खेती की जमीनों का कार्ड वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए इस योजना का क्रियान्वयन समय सीमा में करने के लिए पंचायत स्तर पर मिनी लैब स्थापित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लैब स्थापित करने के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने सबसे पहले स्वायल हेल्थ कार्ड वितरण योजना की समीक्षा की।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत इस साल प्रदेश के तेरह लाख 66 हजार 302 किसानों को बीमा के दायरे में लाया गया है, इनमें 12 लाख 9 हजार 357 ऋणी किसान और एक लाख 56 हजार 945 अऋणी किसान है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से इस साल अऋणी किसानों का बीमा कराने में उल्लेखनीय सफलता मिली है। योजना के तहत फसल कटाई प्रयोग के लिए स्मार्ट फोन का उपयोग करने पूरी तैयारी कर ली गई है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को भुगतान के लिए दस करोड़ रुपये केंद्र सरकार के पास लंबित होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने दूरभाष से केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारी से चर्चा कर यह राशि तत्काल जारी करने के निर्देश दिए।

कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि कृषि विकास एवं किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए सुनियोजित कार्य योजना बनाकर किए गए कार्यो के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2003-04 से वर्ष 2013-14 के बीच छत्तीसगढ़ में चावल उत्पादन में 39 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है, जबकि इसी अवधि में चावल उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

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