अनुमान से पुराना है इंसान, कुत्तों का नाता

लंदन, 22 मई (आईएएनएस)। कुत्ता इंसान का सबसे पुराना और वफादार पालतू जानवर माना जाता है। कुत्तों और इंसानों के बीच यह संबंध बहुत पुराना है। इंसान ने शुरुआत में ही कुत्ते को अपना पालतू बना लिया था। लेकिन मनुष्य और कुत्ते के बीच मालिक और पालतू जानवर का संबंध अनुमानित सोच से कहीं पुराना हो सकता है। हाल ही में एक दिलचस्प अध्ययन में बताया गया है कि कुत्तों और इंसानों का नाता 27,000 से 40,000 साल पुराना हो सकता है।

इस अध्ययन में जीनोम के आधार पर अनुमान लगाया गया कि आधुनिक कुत्तों के पूर्वज उन भेड़ियों से अलग थे, जो आखिरी हिमयुग के बाद 16,000 साल पहले तक जीवित थे।

साइबेरिया के तैमिर प्रायद्वीप के एक भेड़िए की हड्डी, जिसकी रेडियोकार्बन तारीख 35,000 साल पुरानी है, के जीनोम दर्शाते हैं कि उस समय के भेड़िए आधुनिक भेड़ियों और कुत्तों के आम पूर्वज थे।

स्वीडिश म्यूजियम ऑफ नैचुरल हिस्ट्री के लव डालेन ने बताया, “कुत्ते संभवत: अनुमानित समय से बहुत पहले ही पालतू बनाए जा चुके थे।”

डीएनए के सबूत भी दर्शाते हैं कि आधुनिक साइबेरियन कुत्तों के जीन असामान्य रूप से तैमिर के प्राचीन भेड़ियों से मिलते हैं।

शोधकर्ताओं ने साइबेरिया के तैमिर प्रायद्वीप में एक खोज मुहिम के दौरान मिली एक हड्डी के छोटे से टुकड़े के आधार पर ये खोजें की।

शुरुआत में शोधकर्ताओं को नहीं पता था कि यह हड्डी एक भेड़िए की है। उन्हें प्रयोगशाला में आनुवांशिक परीक्षण के बाद इस बात का पता चला।

तैमिर प्रायद्वीप पर भेड़िए होना सामान्य बात है। जो हड्डी मिली थी, वह आधुनिक भेड़िए की हड्डी से मिलती-जुलती थी।

शोधकर्ताओं ने हड्डी की रेडियोकार्बनिक तारीख निर्धारित करने का फैसला किया। इसके बाद पता चला कि उनके पास तैमिर के प्रचीन भेड़िए की 35,000 साल पुरानी हड्डी है।

हारवर्ड मेडिकल स्कूल एंड द ब्रॉड इंस्टीट्यूट में पोनटस स्कोग्लुंद ने बताया, “डीएनए से सीधा सबूत मिल सकता है कि आज के समय में सड़कों पर घूमने वाले साइबेरियन एस्किमो कुत्तों का इतिहास उत्तरी साइबेरिया में 35,000 साल पहले पाए जाने वाले भेड़ियों से जुड़ा है।”

शोधकर्ताओं ने बताया कि यह भेड़िया, यूरोप से निएंडरथलों के विलुप्त होने और यूरोप तथा एशिया में आधुनिक मनुष्यों की आबादी का बसाव शुरू होने के कुछ हजार सालों पहले तक जीवित था।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493