मुंबई, 2 मई (आईएएनएस)। भारत में बीते महीने रोजगार कारोबारी रुझान कमजोर रहने के कारण विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि की रफ्तार सुस्त रही।
यही कारण है कि विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन का समग्र का सूचक निक्केई विनिर्माण क्षेत्र परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) अप्रैल में 51.8 दर्ज किया गया है, जबकि मार्च में यह 52.6 पर था।
करोबारी सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र की प्रगति की रफ्तार आठ महीने में सबसे सुस्त और 14 साल के सर्वेक्षण के इतिहास के औसत से भी कमजोर रही है।
पीएमआई के 50 से ऊपर का आंकड़ा आर्थिक गतिविधि में तेजी या संवृद्धि का सूचक होता है, जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा मंदी का सूचक होता है।
आईएचएस मार्किट के प्रमुख अर्थशास्त्री और रिपोर्ट के लेखक पॉलियाना डे लामा ने कहा कि अप्रैल पीएमआई से भारत के विनिर्माण क्षेत्र में थोड़ा सुधार का संकेत मिला है।
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