काबुल, 25 जुलाई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र संघ के अफगानिस्तान मिशन ने सोमवार को बताया कि बीते वर्ष की अपेक्षा अफगानिस्तान में इस वर्ष के शुरुआती छह महीनों में आतंकवादी हमलों में कहीं अधिक नागरिकों की मौत हुई है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के हवाले से लिखा है, “जनवरी से जून के बीच अफगानिस्तान में काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार मिशन ने 1,601 लोगों की मौत दर्ज की जबकि 3,565 लोग घायल हुए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि से तुलना करें तो लोगों की मौतों में चार फीसदी का इजाफा हुआ है और 2009 के बाद से किसी वर्ष के पहले छह महीने में हुई यह सर्वाधिक मौत है।”
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है, “प्रार्थना करते हुए, काम में मशगूल रहते हुए, पढ़ते हुए, पानी भरते हुए या अस्पताल में उपचार कराते हुए किसी एक व्यक्ति की भी मौत नागरिकों से किए गए वादे को पूरा करने में असफलता का प्रतीक है। सभी पक्षों की ओर से नागरिकों की परेशानी कम करने और उनकी सुरक्षा बढ़ाए जाने की दिशा में अर्थवान और ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।”
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में इसके अलावा मानवाधिकार उल्लंघन के अन्य मामलों का भी जिक्र है, जिसमें सार्वजनिक तौर पर महिलाओं को निशाना बनाना, सशस्त्र विद्रोह में बच्चों का इस्तेमाल करना, छोटे बच्चों के साथ होने वाली यौन उत्पीड़न की घटनाएं, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठानों पर हमले, बंधक बनाना और किसी को सरेआम बिना सुनवाई का मौका दिए सजा दे देना शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 60 फीसदी मौतें तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों के हमलों में हुईं, जबकि सुरक्षा बलों के हाथों हुई मौतों की प्रतिशत 23 रहा।
रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में 1 जनवरी, 2009 से 30 जून, 2016 के बीच 22,941 नागरिकों की मौत हो चुकी है तथा 40,993 लोग घायल हुए हैं।
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