काबुल, 24 मई (आईएएनएस)। अफगान मीडिया ने तेहरान में हुए चाबहार बंदरगाह समझौते की मंगलवार को जमकर सराहना की। यह इस क्षेत्र में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग एवं क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता बढ़ाने की दिशा में एक छलांग है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, “भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ घानी और ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने सोमवार को ईरान की राजधानी तेहरान में चाबहार पोर्ट को विकसित करने एवं भारत को अफगानिस्तान, मध्य एशिया एवं कोकेशियाई देशों से जोड़ने के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।”
समाचार पत्र ‘डेली अफगानिस्तान’ ने अपने संपादकीय में कहा है कि चाबहार बंदरगाह करार इस क्षेत्र में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग एवं शांति एवं स्थिरता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।
अखबार ने कहा है, “चाबहार पोर्ट विकसित होने से मध्य एशिया को दक्षिण एशिया से जोड़ने वाली सड़कों के चौराहे के रूप में अफगानिस्तान की ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक भूमिका फिर से प्रचलन में आ जाएगी।”
अखबार ने इसे विस्तार देते हुए कहा है, “चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान के व्यापारियों की पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर निर्भरता भी कम हो जाएगी।”
एक अन्य अखबार ‘डेली मांडेगार’ ने भी चाबहार बंदरगाह करार को कराची बंदरगाह पर अफगानिस्तान की निर्भरता कम करने की दिशा में मील का पत्थर करार दिया है।
एक लेख में अखबार ने कहा है कि ईरान ने चाबहार में अफगानिस्तान को 50 हेक्टेयर भूमि मुफ्त व्यापार क्षेत्र में दिया है और अफगानिस्तान की 130 कंपनियां वहां पंजीकृत भी हो चुकी हैं।
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