वाशिंगटन, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। हिलेरी क्लिंटन के राष्ट्रपति चुनाव अभियान पर मीडिया में सवाल उठने लगे हैं और इस बीच एक अमेरिकी समाचार पत्र में आई रपट में उनके परिवार द्वारा संचालित क्लिंटन फाउंडेशन को एक भारतीय राजनीतिक से 50 लाख डॉलर का चंदा मिलने का खुलासा हुआ है।
समाचार पत्र ‘न्यूयार्क पोस्ट’ ने मंगलवार को एक पुस्तक का उद्धरण देते हुए लिखा है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के तत्कालीन महासचिव अमर सिंह ने 2008 में क्लिंटन फाउंडेशन को 10 लाख डॉलर और 50 लाख डॉलर का चंदा दिया था।
पीटर श्वीजर की पुस्तक ‘क्लिंटन कैश’ का संदर्भ देते हुए न्यूयार्क पोस्ट की रपट में कहा गया है कि वास्तविक विवाद चंदे की राशि और अमर सिंह की कुल संपत्ति के बीच विषमता को लेकर है तथा इसके चलते सवाल उठाया गया है कि क्या इस राशि के मुख्य स्रोत अमर सिंह ही थे।
समाचार पत्र में कहा गया है कि यह चंदा ऐसे समय में आया था, जब अमेरिकी कांग्रेस में भारत और अमेरिका के बीच अहम असैन्य परमाणु समझौते पर चर्चा चल रही थी, जिसे तत्कालीन सिनेटर हिलेरी ने अपनी सहमति दी थी।
हिलेरी ने सितंबर, 2008 में समझौते पर विचार-विमर्श के लिए वाशिंगटन में अमर सिंह से मुलाकात की थी।
न्यूयार्क पोस्ट के अनुसार, पुस्तक के लेखक श्वीजर ने आशंका जताई है कि क्या अमर सिंह इस अहम समझौते को अमेरिकी मंजूरी दिलाने के लिए भारत की अन्य ताकतों के मात्र वाहक तो नहीं थे।
समाचार पत्र में कहा गया है कि अमर सिंह ने भारत सरकार को दिए अपने हलफनामे में अपनी कुल संपत्ति 50 लाख डॉलर के करीब बताई थी और “अमर सिंह द्वारा क्लिंटन फाउंडेशन को दिए गए इस चंदे को भारत में भी संदेह और अचरज की तरह देखा गया था।”
समाचार पत्र में श्वीजर के हवाले से कहा गया है, “अगर यह सत्य है तो इसका आशय है कि अमर सिंह ने अपनी कुल संपत्ति का 20 प्रतिशत और 100 प्रतिशत हिस्सा क्लिंटन फाउंडेशन को दान दे दिया था।”
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