वाशिंगटन, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने शुक्रवार को रूस पर आरोप लगाया कि वह उसकी राजनीतिक साइट्स हैक करा रहा है। रूस ने इस आरोप को ‘बकवास’ करार देते हुए तत्काल खारिज कर दिया है।
ह्वाइट हाउस ने एक बयान जारी कर यह दावा किया था कि हाल ही में अमेरिकी नागरिकों एवं राजनीतिक संगठनों की ईमेल हैकिंग के पीछे रूस के होने को लेकर अमेरिकी खुफिया एजेंसियां आश्वस्त हैं। इस दावे के कुछ ही देर बाद क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने इस आरोप को खारिज कर दिया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने पेस्कोव के हवाले से कहा है, “हर दिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की वेबसाइट पर हजारों हमले होते हैं। इसमें से बहुत सारे हमलों को अमेरिका से किए गए होने का पता लगाया जा सकता है, लेकिन हमलोग इसके लिए हरबार ह्वाइट हाउस या अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को जिम्मेदार नहीं ठहराते।”
जुलाई में विकिलीक्स ने खुलासा किया था कि डेमोक्रेटिक नेशलन कमेटी (डीएनसी) के कर्मचारियों के बहुत सारे ईमेल हैक किए गए, जिनसे प्राइमरी चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की निष्पक्षता का दावा अविश्वसनीय लगता है।
इसमें जो कहा गया था, उसके अनुसार, “लगभग 20 हजार ईमेल ऐसे थे, जिसमें लग रहा था कि हिलेरी क्लिंटन के प्रतिद्वंद्वी बर्नी सैंडर्स के खिलाफ साजिश रच रहे थे। ये मेल डीएनसी अधिकारियों के थे, जिससे उम्मीद की जाती है कि वे तटस्थ रहेंगे।”
इस खुलासे के बाद डीएनसी ने रूस पर ईमेल हैक करने का आरोप लगाया, उसने ऐसा तब भी किया, जब गुसिफायर 2.0 नामक हैकर ने साइबर हमले की जिम्मेदारी ली थी।
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