वाशिंगटन, 23 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक साक्षात्कार में राजनीतिक चलन के विपरीत स्वीकार किया कि अमेरिका में अभी भी परोक्ष तौर पर नस्लभेद मौजूद है और इसे खत्म करने के सारे उपाय नहीं किए गए।
वाशिंगटन, 23 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक साक्षात्कार में राजनीतिक चलन के विपरीत स्वीकार किया कि अमेरिका में अभी भी परोक्ष तौर पर नस्लभेद मौजूद है और इसे खत्म करने के सारे उपाय नहीं किए गए।
मशहूर व्यंग्यकार मार्क मारोन को दिए साक्षात्कार में ओबामा ने कहा, “नस्लभेद से हम पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। और यह सिर्फ सार्वजनिक तौर पर अश्वेत कहते हुए विनम्रता दिखाने भर की बात नहीं है।” ओबामा का यह साक्षात्कार सोमवार को प्रसारित हुआ।
ओबामा ने कहा, “यह इसे जानने का पैमाना भी नहीं है कि समाज में अभी भी नस्लभेद मौजूद है या नहीं। यह सिर्फ प्रत्यक्ष तौर पर भेदभाव बरते जाने भर का मामला भी नहीं है। समाज में आज से 200-300 वर्ष पहले जो मौजूद रहा है उसे रातों-रात खत्म नहीं किया जा सकता।”
राष्ट्रपति भवन (व्हाइट हाउस) ने जोर देकर कहा है कि ओबामा ने चौंकाने या उकसाने के लिए ऐसा बयान नहीं दिया। ओबामा के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने कहा कि ओबामा द्वारा वर्जित शब्द का इस्तेमाल पूर्वनियोजित नहीं था।
उन्होंने कहा, “मैं स्वीकार करता हूं कि यह जाहिर तौर पर उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने खुद उन शब्दों का चयन किया। लेकिन राष्ट्रपति ने जो तर्क दिए हैं, वे श्रोताओं के बीच पहले से ही प्रचलित हैं।”
श्वेत मां और अफ्रीकी पिता की संतान के तौर पर युवावस्था में महसूस किए गए अपने अनुभव के आधार पर ओबामा ने कहा कि नस्लीय संबंधों में पिछले दशकों में सुधार आया है।
ओबामा ने कहा, “मैं हमेशा युवाओं से कहता रहता हूं कि अगर आपने 50 या 60 या 70 के दशक में अश्वेत नागरिक के रूप में जीवन नहीं बिताया है तो अमेरिका में नस्लभेद के बारे में ऐसा मत कहिए कि कुछ भी नहीं बदला है।”
उन्होंने कहा, “यह निर्विवाद है कि मेरे या आपके जीवनकाल में ही नस्लीय संबंधों में सुधार आया है।”
ओबामा ने हालांकि यह भी कहा कि ‘दासता की विरासत और भेदभाव’ अभी भी संस्थानों में मौजूद है और इसने ‘अपना दीर्घकालिक प्रभाव बना लिया है’ और ‘यह अभी भी हमारे डीएनए में मौजूद है’।
dharmpath.com dharmpath