वाशिंगटन, 6 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका आने वाले प्रवासियों, पर्यटकों की निगरानी प्रक्रिया को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को एक राष्ट्रीय सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर ‘राष्ट्रीय निगरानी केंद्र’ स्थापित करने की मंजूरी दे सकते हैं।
एक प्रशासनिक अधिकारी ने सीएनएन को बताया कि ज्ञापन के तहत केंद्र स्थापित करने के लिए ‘मात्रभूमि सुरक्षा विभाग’ (डीएचएस) और अन्य समितियों को छह महीने का समय दिया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र स्थापित करने का उद्देश्य विभिन्न संघीय समितियों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान बढ़ाना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक अधिकारी ने कहा कि ज्ञापन के अनुसार, डीएचएस, राज्य विभाग, न्याय विभाग और खुफिया एजेंसियों के संयुक्त प्रयास ‘निगरानी केंद्र’ के लिए कोई नई नियुक्ति नहीं होगी और न ही केंद्र स्थापित करने के लिए कोई कोष स्थापित किया जाएगा।
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस प्रयास से अमेरिका आने वाले लोगों की जांच में क्या परिवर्तन आएगा।
ट्रंप ने 2016 में राष्ट्रपति चुनाव के प्रचार के दौरान आव्रजकों की कठोरतम जांच करने का आवाह्न करने के बाद ‘राष्ट्रीय निगरानी केंद्र’ ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन संबंधी जांच को और कठोर करने की कोशिशों का एक हिस्सा है।
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