अमेरिका-मेक्सिको सीमा के सैन्यीकरण की निंदा

न्यूयॉर्क, 11 नवंबर (आईएएनएस)। मानवाधिाकर कार्यकर्ताओं ने एक ऐसे कार्यक्रम की निंदा की है, जो अमेरिका-मेक्सिको सीमा के सैन्यीकरण के प्रतीक के रूप में अवैध दस्तावेज वाले प्रवासियों को जेल में डालने का जनादेश देता है।

एरिजोना में शुक्रवार को टक्सन के संघीय अदालत के बाहर इकट्ठे हुए कार्यकर्ताओं ने कहा, “ऑपरेशन स्ट्रीमलाइन सैन्यीकरण और हमारे समुदायों के अपराधीकरण का एक ठोस प्रतीक बन गया है।”

मानव अधिकार समूह एसओए वॉच के एडुआडरे गार्सिया ने समाचार एजेंसी एफे को बताया, यह अमेरिका में आश्रय मांग रहे लोगों के लिए अपनाई गई उचित प्रक्रिया की विफलता हैं।

इस सप्ताहांत में ट्रंप की योजनाबद्ध सीमा की दीवार के खिलाफ एक विशाल प्रदर्शन होने की संभावना है।

ऑपरेशन स्ट्रीमलाइन को 2005 में लॉन्च किया गया। इसके तहत सीमा पर गिरफ्तार किए गए कुछ गैर-दस्तावेजी प्रवासियों को निर्वासित होने से पहले जेल में रखा गया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने घोषणा की कि सभी गैर-दस्तावेजी प्रवासियों को अमेरिका के सीमावर्ती क्षेत्र टक्सन सेक्टर में रोका जाएगा और उन पर ऑपरेशन स्ट्रीमलाइन प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह बात मायने नहीं रखती कि वह अमेरिका में प्रवेश करने के पिछले प्रयासों के कारण हिरासत में है या उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड हैं।

स्ट्रीमलाइन कार्यक्रम का विशेष रूप से विवादास्पद पहलू यह है कि टक्सन संघीय अदालत में जन सुनवाई के दौरान एक बार में दर्जनों प्रवासियों की सजा दी गई।

शुक्रवार को किया गया प्रदर्शन सीमावर्ती मुठभेड़ का हिस्सा था, जोकि एसओए वॉच द्वारा आयोजित किया गया था। अमेरिका, मैक्सिको और मध्य अमेरिका के हजारों कार्यकर्ता एरिजोना शहर में एकत्र हुए।

प्र्दशनकारियों ने एलाय हिरासत केंद्र के बाहर विरोध किया, जहां पर देश के किसी भी अन्य प्रवासी धारण सुविधा की तुलना में अधिक कैदियों की मौत होती है।

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