अरुण कुमार
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 21 जून (आईएएनएस)। भारतीय वित्त मंत्री अरुण जेटली दो आश्वासनों के जरिए अमेरिकी निवेशकों को लुभाने की कोशिश में लगे हुए हैं। एक आश्वासन अतिरिक्त आर्थिक सुधार और दूसरा एक स्थिर नीति व्यवस्था है।
जेटली ने अमेरिकी कोषागार मंत्री जैकब ल्यू, वाणिज्य मंत्री पेनी प्रित्जकर और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि माइकल फ्रोमैन से वाशिंगटन में मुलाकात की और न्यूयार्क में कुछ सीईओ सहित निवेशकों से एक-एक कर मुलाकात की।
जेटली ने यहां शनिवार को संवाददाताओं से कहा कि निवेशकों के साथ अपनी मुलाकात में उन्होंने मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से सुधार के मोर्चे पर हुई प्रगति और प्रस्तावित सुधारों का विवरण पेश किया।
उन्होंने कहा, “सरकार सुधार के पथ पर लगातार बने रहने को प्रतिबद्ध है ताकि अर्थव्यवस्था को और गति दी जा सके।”
उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर जीएसटी व्यवस्था संभवत: सबसे महत्वपूर्ण कर सुधार है, जिसे मोदी सरकार कर रही है।
जेटली अन्य निवेशकों से मुलाकात के लिए रविवार को सैन फ्रांसिस्को के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि वह एक स्पष्ट संदेश लेकर जा रहे हैं कि निवेशक एक स्थिर नीति व्यवस्था चाहते हैं, क्योंकि अनिश्चितता निवेशकों के लिए कभी अनुकूल नहीं रही।
जेटली ने कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक संकटपूर्ण समय में भारत स्पष्ट रूप से एक चमकता हुआ सितारा है।” देश का इस वर्ष का विकास लक्ष्य आठ प्रतिशत है।
भारतीय वित्त मंत्री ने कहा, “मौजूदा वैश्विक वातावरण भारत को एक आकर्षक स्थान बनाता है।”
तमाम तरह के करों पर जेटली ने आश्ववासन दिया कि मोदी सरकार ऐसा कोई न कानून बनाना चाहती है और न उसे लागू करना चाहती है।
कुछ विदेशी कंपनियों को जारी हुए कर संबंधित नोटिसों के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि अदालत इन मामलों का तत्परता से निपटारा कर देगा।
अमेरिकी अधिकारियों के साथ अपनी टिप्पणी में जेटली ने कहा कि उन्होंने एक टोटलाइजेशन एग्रीमेंट पर पहुंचने के बारे में भारत की चिंताएं उठाई है, ताकि हमारे पेशेवर वे लाभ पा सकें, जिससे वे अभी तक वंचित हैं।
dharmpath.com dharmpath