सियोल की एक अदालत से अभियोजन पक्ष ने अधिक से अधिक अवधि की जेल की सजा देने की मांग की। दक्षिण कोरियाई शख्स ने पांच मार्च, 2015 को दक्षिण कोरिया में अमेरिका के राजदूत के चेहरे व बांह पर चाकू से हमला किया था।
लिपर्ट पर हमले के लिए निचली अदालत ने दोषी किम की-जोंग को 12 वर्षो की जेल की सजा सुनाई है।
बाद में, जेल के एक सुरक्षाकर्मी व एक चिकित्सक के साथ मारपीट करने के कारण उसकी सजा डेढ़ साल और बढ़ा दी गई।
अभियोजन पक्ष ने अपीलीय अदालत से दोषी को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का उल्लंघन करने का दोषी करार देने की मांग की, जिसमें निचली अदालत ने उसे बरी कर दिया था।
अभियोजक ने कहा कि किम ने उत्तर कोरियाई विचारधारा के प्रति सदभावना दर्शाने के लिए हमला किया और उसका अपराध सुनियोजित था, क्योंकि उसने पहले से ही चाकू की व्यवस्था कर ली थी।
किम के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि उसने हत्या करने के इरादे से हमला नहीं किया था। उन्होंने कहा कि घटना दुर्घटनावश घटी।
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