वाशिंगटन, 26 जनवरी (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे चल रहीं हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि वह राष्ट्रपति ओबामा की विरासत को आगे बढ़ाएंगी। वहीं, उनके प्रतिद्वंदी बर्नी सैंडर्स ने अपने आप को परिवर्तन के सच्चे अवतार के रूप में पेश किया।
वाशिंगटन, 26 जनवरी (आईएएनएस)। डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे चल रहीं हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि वह राष्ट्रपति ओबामा की विरासत को आगे बढ़ाएंगी। वहीं, उनके प्रतिद्वंदी बर्नी सैंडर्स ने अपने आप को परिवर्तन के सच्चे अवतार के रूप में पेश किया।
सोमवार को आयोवा के देस मोइंस में आयोजित सीएनएन के डेमोक्रेटिक टाउन हॉल में हुए कार्यक्रम में दोनों ने अपने-अपने विचार रखे।
सैंडर्स ने हालांकि हिलेरी को अनुभवी नेता बताया, लेकिन उन्हें गलत निर्णय लेनेवाली बताया और कहा कि इराक मुद्दे, व्यापार मुद्दे, किस्टोन पाइपलाइन मुद्दा और वॉल स्ट्रीट के विनियमन जैसे मुद्दे पर उन्होंने गलत निर्णय लिया।
वहीं, हिलेरी से यह पूछा गया कि युवा वोटर उनके समर्थन में कम उत्साह क्यों दिखा रहे हैं। इसके अलावा आय में असमानता जैसे मुद्दों पर देर से अपने विचार रखने के मामले में भी हिलेरी पर सवाल उठाए गए। इसके जवाब में हिलेरी ने कहा कि वे दशकों से सभी किस्म की असमानता के खिलाफ संघर्ष कर रहीं है।
उन्होंने कहा, “यहां अलग-अलग सोच, अलग-अलग मूल्य, काम के दौरान अलग-अलग तरह के दवाब हैं, इसलिए आपको ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहिए, जिसने अपने आप को योद्धा साबित किया हो। कोई ऐसा व्यक्ति जो उन पर काबू पा सके और जीत हासिल कर सके और अपना काम जारी रखे। उसे ही राष्ट्रपति के लिए चुना जाना चाहिए।”
वहीं, सैंडर्स ने कहा, “हमें एक राजनीतिक क्रांति की जरूरत है। हम उन अमेरिकी लोगों के दिलों को छू रहे हैं जो यह समझते हैं कि सांस्थानिक राजनीति पर्याप्त नहीं है।”
सैंडर्स ने हिलेरी के राजनीतिक कीर्तिमानों को खारिज करते हुए कहा कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी की जड़ों से कहीं अधिक मजबूती से जुड़े हैं और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए उतने ही तैयार है, जितना कि क्लिंटन।
वहीं, तीसरे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरीलैंड के पूर्व गर्वनर मार्टिन ओ मैले ने तर्क देते हुए कहा कि वे राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के प्रतिनिधि हैं, जिसका मुकाबला न तो क्लिंटन कर सकती हैं, और न ही सैंडर्स।
नवीनतम रुझानों से यह पता चलता है कि आयोवा में क्लिंटन और सैंडर्स के बीच कांटे की टक्कर है। जहां, पार्टी की जरूरी आंतरिक बैठक एक फरवरी को होनेवाली है।
सीएनएन के हाल के पोल के मुताबिक सैंडर्स ने आयोवा में क्लिंटन को 44 फीसदी के मुकाबले 46 फीसदी से पीछे छोड़ दिया है, जबकि ओमैले को महज 4 फीसदी समर्थन हासिल है।
सैंडर्स ने इसके अलावा न्यू हैंपशायर में हिलेरी को पीछे छोड़ दिया है, जहां 9 फरवरी को पहला प्रारंभिक मतदान होनेवाला है।
हिलेरी क्लिंटन के लिए आयोवा का चुनाव काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह वर्ष 2008 में इस राज्य में चुनाव हार गई थीं।
राष्ट्रीय स्तर पर क्लिंटन को 52 फीसदी समर्थन हासिल है, जबकि सैंडर्स को 38 फीसदी और ओ मैले इन दोनों उम्मीदवारों से काफी पीछे हैं, जिन्हें सिर्फ 2 फीसदी समर्थन हासिल है। यह जानकारी सीएनएन/ओआरसी के हाल के मत-सर्वेक्षण से सामने आई है।
इस दौरान ओबामा ने अपने आपको हिलेरी और सैंडर्स के बीच तटस्थ रखने की कोशिश करते हुए सोमवार को कहा, “पूर्व विदेश मंत्री को डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी में सबसे आगे रहने का ‘विशेष फायदा और उत्तरदायित्व’ दोनों का सामना करना है। वहीं, बर्नी को शुरुआत में ही भारी समर्थन की विलासिता हासिल हुई, लेकिन बाद में वह पिछड़ गए।”
ओबामा ने कहा कि उन्होंने 2016 के बारे में हिलेरी और सैंडर्स, दोनों से सामान्य बातचीत की है। उन्होंने कहा, “मैंने डेमोक्रेट की जीत को लेकर हिलेरी से सामान्य बातचीत की है। वहीं, मैंने बर्नी से भी उनकी पसंद के मुद्दों या वे किस मुद्दे के प्रति चिंतिंत हैं, के बारे में बात की है।”
ओबामा ने विरोधी रिपब्लिकन पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वर्ष 2008 में उनके खिलाफ जॉन मैक्केन ने चुनाव लड़ा था। हार के बाद पार्टी को अपने अंदर बदलाव लाना चाहिए था।
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