न्यूयॉर्क, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी शोधकर्ताओं के एक दल ने एक जैव-सौर पैनल का निर्माण किया है, जो 5.59 माइक्रोवाट ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।
सुदूरवर्ती इलाकों में जहां नियमित तौर पर बैटरी को बदलने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, ऐसी जगहों पर छोटे उपकरणों को चलाने के लिए जीवाणुओं से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा के उत्पादन के क्षेत्र में यह एक बड़ा कदम है।
बिंघमटन युनिवर्सिटी में अध्ययन के सह-लेखक सेओखेउन सीन चोई ने कहा, “क्रियाशील जैव-सौर पैनल उपलब्ध हो जाने के बाद यह छोटे व वायरलेस टेलीमेटरी सिस्टम व वायरलेस सेंसर्स को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति करने के लिए बिजली का स्थायी स्रोत हो सकता है।”
शोधकर्ताओं ने एक जैव-सौर पैनल के निर्माण के लिए नौ जैव सौर-बैटरियों को तीन-तीन बैटरियों की श्रृंखला में लगाया।
जीवाणओं द्वारा प्रकाश संश्लेषण व श्वसन गतिविधियों से पैनल 12 घंटे के दिन-रात के चक्र में लगातार 60 घंटे से अधिक समय तक बिजली उत्पन्न करता रहा।
किसी मकान की छत पर लगा 60 बैटरियों को मिलाकर बना एक पारंपरिक सौर पैनल किसी दिए समय में लगभग 200 वाट बिजली उत्पन्न करता है।
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