काबुल, 7 जुलाई (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया है कि अमेरिकी सैनिक वर्ष 2017 तक देश में बने रहेंगे। राष्ट्रपति पैलेस से गुरुवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान में कहा गया है, “मुहम्मद अशरफ गनी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान में मौजूदगी को अधिकृत करने के फैसले का स्वागत करते हैं।”
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की खबर के अनुसार, बुधवार को ओबामा ने घोषणा की कि वह 8400 अमेरिकी सैनिकों को वर्ष 2017 के अपने शासनकाल के अंत तक बनाए रखेंगे। उनकी मूल योजना आतंकवाद से ग्रस्त इस देश से अमेरिकी सैनिको की संख्या इस साल के अंत तक कम करके 5500 करने की थी।
बयान में कहा गया है कि यह फैसला अमेरिका और अफगानिस्तान के बीच साझा हितों और क्षेत्रीय स्थायित्व को मजबूत करने के लिए जारी साझीदारी को दर्शाता है।
ओबामा ने कहा है कि यह नया फैसला अमेरिकी सैन्य नेताओं की संस्तुतियों एवं उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ-साथ अमेरिकी संसद, अफगानिस्तान सरकार और अंतराष्ट्रीय साझीदारों के साथ व्यापक विचार-विमर्श पर आधारित है।
नाटो एवं सुरक्षा बलों ने अफगानिस्तान में 13 साल सेना की मौजूदगी के बाद अपनी लड़ाई का अभियान वर्ष 2014 के अंत तक पूरा कर लिया था।
अफगानिस्तान में अभी करीब 13 हजार विदेशी सेना है, जिनमें 9800 अमेरिकी सैनिक शामिल हैं। नाटो के नेतृत्व वाले रिसोल्यूट सपोर्ट मिशन समझौते के तहत प्रशिक्षण, परामर्श और विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में अफगानिस्तान की सेना को सहारा देने के लिए यहां डटे हुए हैं।
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