संयुक्त राष्ट्र, 6 फरवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने कहा है कि दिसंबर मध्य तक दुनिया भर के 34 आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के प्रति कथित तौर पर निष्ठा जता चुके हैं।
अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए आईएस से खतरा विषय पर एक रपट में बान ने कहा कि फिलीपींस, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान, लीबिया व नाइजीरिया जैसे देशों के आतंकवादी संगठनों ने आईएस के प्रति निष्ठा जताई है, जो अप्रत्याशित खतरे का संकेत है।
उन्होंने कहा कि इराक व सीरिया में लंबे संघर्ष के फलस्वरूप आईएस उभरा है, जिसके कारण राजनीतिक व सुरक्षा संबंधी अस्थिरता पैदा हो गई है।
उन्होंने कहा, “दो वर्ष से भी कम समय में आईएस ने इराक व सीरिया में काफी बड़े भू-भाग पर कब्जा कर लिया।”
हाल ही में आईएस के प्रभाव में वृद्धि से उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व व दक्षिण तथा दक्षिणपूर्व एशिया 18 महीनों के दौरान इसके विस्तार की गति को दर्शाता है।
बान ने कहा कि साल 2016 व उसके बाद आईएस के इशारे पर हमलों के लिए दूसरे देशों में पहुंचने वाले विदेशी आतंकवादी लड़ाकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को तैयारी कर लेनी चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा सैन्य, वित्तीय व सीमा सुरक्षा उपायों के अपनाए जाने के बावजूद आतंकवादी समूह सीरिया व इराक में अपनी उपस्थिति बनाए हुए हैं। यह अपने अभियानों का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है।
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