दमिश्क, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने सीरिया के ऐतिहासिक पालमाइरा शहर में तीन बंदियों की हत्या के लिए प्राचीन ऐतिहासिक मंदिरों के खंभों का सहारा लिया। बंदियों को इन खंभों से बांधकर इन्हें विस्फोट से उड़ा दिया। इससे बंदियों की हत्या भी हो गई और खंभे भी नष्ट हो गए।
यह जानकारी मंगलवार को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दी।
सीरियन आब्जरवेटरी फार ह्यूमन राइट्स की रपट के मुताबिक जिन तीन बंदियों की रविवार को हत्या करने की बात कही जा रही है, उनकी पहचान के बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है। लेकिन, माना जा रहा है कि पालमाइरा पर कब्जा करने के बाद आईएस ने हत्या के लिए पहली बार इस तरीके का इस्तेमाल किया है।
आईएस ने इसी साल मई में पालमाइरा पर कब्जा कर लिया था।
आईएस ने यहां 2000 साल पुराने दो मंदिरों को ध्वस्त कर दिया। प्राचीन समय में बेहद महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्र माने जाने वाले अंत्येष्टि संबंधी टावरों और तोरण द्वार को भी आतंकवादी नष्ट कर चुके हैं।
आईएस का मानना है कि ये सभी कुछ बुतपरस्ती से जुड़े हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को ने इस विध्वंस को युद्ध अपराध करार दिया है।
सीरियन आब्जरवेटरी फार ह्यूमन राइट्स ब्रिटेन स्थित एक संस्था है जो सीरिया के हालात पर निगाह रख रही है।
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