बेंगलुरू, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग संघ ने मंगलवार को सभी के हित में इंटरनेट तटस्थता (नेट न्यूट्रलिटी) का समर्थन किया।
बेंगलुरू, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) उद्योग संघ ने मंगलवार को सभी के हित में इंटरनेट तटस्थता (नेट न्यूट्रलिटी) का समर्थन किया।
नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिस कंपनी (नैसकॉम) के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने आईएएनएस से कहा, “भारत को इंटरनेट तटस्थता की तरफ बढ़ना चाहिए, क्योंकि इंटरनेट के अनगिनत लाभ हैं। हम इंटरनेट तटस्थता के पक्ष में हैं, क्योंकि यह बुनियादी अवसंरचना है।”
नैसकॉम भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के परामर्श पत्र के संदर्भ में अपने सुझाव तैयार कर रहा है।
पूर्व दूरसंचार सचिव भी रह चुके चंद्रशेखर ने कहा, “हम इस मुद्दे पर ट्राई के परामर्श पत्र का विस्तृत जवाब सौंपेंगे। हम इंटरनेट तटस्थता कायम रखने के लिए उतने ही संजीदा हैं और यह सिर्फ नेट उपयोगकर्ता के लिए ही नहीं, बल्कि उद्यमियों, स्टार्टअप कंपनियों, कंपनियों तथा अन्य हितधारकों के लिए भी जरूरी है।”
परामर्श पत्र का जवाब देने की समय सीमा 24 अप्रैल है।
यह मुद्दा इसलिए चर्चा में आ गई है, क्योंकि दूरंसचार सेवा प्रदाता कंपनियों और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों ने ट्राई से अनुमति मांगी थी कि उन्हें कुछ एप्लीकेशनों और वेबसाइटों को ब्लॉक करने और उनके बैंडविड्थ का उपयोग करने के लिए ग्राहकों और कंपनियों से शुल्क लेने की अनुमति दी जाए।
इंटरनेट तटस्थता के सिद्धांत का आशय यह है कि सभी प्रकार की वैध सामग्री समान रूप से ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहे और सेवा प्रदाता किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं करे।
नेट उपयोग करने वाले भारती एयरटेल के नए प्लेटफार्म एयरटेल जीरो की पेशकश का विरोध कर रहे हैं, जिसके तहत ग्राहकों को चुने हुए एप के मुफ्त उपयोग की सुविधा दी जा रही है, लेकिन इस प्लेटफार्म पर सेवा उपलब्ध कराने के लिए कंपनियों से शुल्क ली जा रही है।
चंद्रशेखर ने कहा कि विभिन्न एप्लीकेशनों के लिए इंटरनेट का उपयोग पूरी दुनिया में बिना सीमा और बाधा के संचार का आधुनिक साधन बन गया है।
उन्होंने कहा, “इंटरनेट तटस्थता कायम रखना जरूरी है, क्योंकि देश को डिजिटल बनाने और कई सरकारी सेवाएं और समाधान नेट से प्रदान करने के लिए इंटरनेट की दूसरी क्रांति से गुजर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इंटरनेट तटस्थता आईटी उद्योग के लिए भी जरूरी है और सैंकड़ों स्टार्टअप कंपनियों इस पर निर्भर हैं।
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