नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद ने इस क्षेत्र में अगले एक दशक में भारी विस्तार की उम्मीद जताई है और यात्रा व्यापार तथा महंगे ब्रांड क्षेत्र में भारत को दक्ष पेशेवर की जरूरत है। यह बात जेनेवा के एक शिक्षाविद ने कही।
जेनेवा के ग्लियन इंस्टीट्यूट ऑफ हाइयर एजुकेशन की चीनी मूल की अमेरिकी मुख्य कार्यकारी अधिकारी जुडी हाओ ने कहा कि उनके स्विट्जरलैंड परिसर में भारतीय छात्र भाषा के मामले में अधिक दक्ष हैं, जो आतिथ्य और यात्रा क्षेत्र में काफी मायने रखता है।
हाओ ने आईएएनएस से कहा, “पर्यटन अब एक तेजी से विकास करने वाला क्षेत्र हो गया है। विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद के मुताबिक इस उद्योग में पांच गुना विस्तार होने वाला है और 2023 तक हर 10 में से एक नौकरी इसी क्षेत्र से मिलेगी।”
उन्होंने कहा, “भारत को वैश्विक सांचे में ढले प्रशिक्षित पेशेवर की जरूरत है, जो हम मुहैया कराते हैं।”
टीएनएस ग्लोबल सर्वे-2013 में ग्लियन को दुनिया में तीन सबसे अव्वल आतिथ्य प्रबंधन स्कूलों में रखा गया है। संस्थान ने हाल में ही अपने पाठ्यक्रम में लग्जरी ब्रांड मैनेजमेंट को शामिल किया है।
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