नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। रिलायंस कम्यूनिकेशन को राहत प्रदान करते हुए गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में उसके स्पेक्ट्रम और ऑप्टिकल फाइबर की बिक्री पर उच्च न्यायालय की ओर से लगाई गई रोक को निष्प्रभावी कर दिया।
इसके साथ ही, आरकॉम द्वारा उसके स्पेक्ट्रम व ऑप्टिकल फाइबर रिलायंस जियो इन्फोकॉम को बेचने का रास्ता साफ हो गया।
न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन की पीठ ने मामले से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आरकॉम के स्पेक्ट्रम और ऑप्टिकल फाइबर की बिक्री पर लगी रोक को निष्प्रभावी कर दिया। मध्यस्थता अदालत की ओर से लगाई गई इस रोक को उच्च न्यायाल ने बरकरार रखा था।
हालांकि कोलकाता स्थित राष्ट्रीय कंपनी कानून अभिकरण द्वारा रिलायंस इन्फ्राटेल के टावर परिसंपत्ति की बिक्री पर लगाई गई रोक पर शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय अभिकरण (एनसीएलएटी) को चार सप्ताह में मामले में निर्णय लेने को कहा।
उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती देने वाली आरकॉम की याचिका का भारतीय स्टेट बैंक की अध्यक्षता में बैंकों की कंसोर्टियम ने समर्थन किया और कहा कि स्पेक्ट्रम और ऑप्टिकल फाइबर की परिसंपत्ति की बिक्री से उनको 25,000 करोड़ रुपये की रकम मिलेगी जो कि आरकॉम को उनके द्वारा दिए गए 45,000 करोड़ रुपये के कर्ज का अंश होगा।
आरकॉम ने एक बयान में कहा, “अब स्पेक्ट्रम, एमएनसी और रियल स्टेट की परिसंपत्तियों की बिक्री में तत्काल कोई अड़चन नहीं है और इसे अंजाम दिया जाएगा।”
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