मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा सरकार को दिए गए अधिशेष और लाभांश के उपयोग के बारे में निर्णय लेना सरकार का विशेषाधिकार है।
मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा सरकार को दिए गए अधिशेष और लाभांश के उपयोग के बारे में निर्णय लेना सरकार का विशेषाधिकार है।
यह पूछे जाने पर कि राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए आरबीआई के लाभांश के उपयोग के बारे में उनकी क्या राय है। उन्होंने कहा, “सरकार आरबीआई के लाभांश या अधिशेष का उपयोग कैसे करती है, यह फैसला उन्हें लेना है।”
केंद्रीय बैंक के अधिशेष का केंद्र सरकार को हस्तांतरण पिछले आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल और केंद्र सरकार के बीच तनातनी का प्रमुख मुद्दा था, जबकि सरकार का मानना था कि आरबीआई के पास जरूरत से अधिक अधिशेष है।
यह पूछे जाने पर क्या सरकार आरबीआई पर दवाब बना रही है कि वह अंतरिम लाभांश के साथ ही पिछले साल का अधिशेष भी सरकार के हवाले कर दे। दास ने इसे खारिज करते हुए कहा कि यह महज अटकलबाजी है और आरबीआई हमेशा कुछ सिद्धांतों और लेखांकन नियमों के हिसाब से चलती है।
दास ने अपनी पहली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अध्यक्षता के बाद कहा, “आरबीआई द्वारा अधिशेष या लाभांश का भुगतान आरबीआई अधिनियम का हिस्सा है। यह एक कानूनी प्रावधान है और कानूनी प्रावधान में जो कुछ है, उसके अतिरिक्त हम कुछ नहीं कर रहे हैं।”
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