नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद (नरेडको) की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रोहतास गोयल ने आगामी केंद्रीय बजट 2015 में आवासीय क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कर में छूट की मांग की है।
गोयल ने यहां जारी एक बयान में कहा है कि मेट्रो शहरों में परियोजना के हिस्से के रूप में 1,000 वर्गफुट क्षेत्र की आवासीय इकाइयों के लिए और गैर महानगरों में 1500 वर्गफुट क्षेत्र की आवासीय इकाइयों के लिए 60 लाख रुपये आधार बिक्री मूल्य की सीमा के साथ आयकर की 80-आईबी (10) धारा के तहत कर छूट दी जानी चाहिए, ताकि आसान क्रेडिट प्रवाह बना रहे और मध्यवर्गीय समाज को सस्ते मकान मुहैया कराए जा सके।
गोयल ने बयान में कहा है कि कर छूट में मांग का उद्देश्य देश में आवासीय क्षेत्र को बढ़ावा देना और 2022 तक सभी को किफायती दर पर घर मुहैया कराना है।
गोयल ने सरकार से आयकर अधिनियम 43सीए हटाने की भी मांग की है, जिसे संप्रग सरकार ने 2013 के बजट के दौरान पेश किया था।
उन्होंने कहा, “बाजार दर, सरकार की तय सर्किल दर के बजाए बकाए की गणना के आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए। क्योंकि ये सर्किल दरें काफी ऊंची हैं। इससे घर के खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिससे घरों की खरीद-फरोख्त काफी हद तक प्रभावित होती है।”
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