इंडोनेशिया में सुनामी का फिर से खतरा

जकार्ता, 24 दिसम्बर (आईएएनएस)। इंडोनेशिया के अनाक क्रेकाटोआ ज्वालमुखी की सक्रियता को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। ऐसी आशंका है कि सुनामी फिर से कहर बरपा सकती है।

देश में शनिवार को आई सुनामी में 222 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 843 घायल हो गए थे।

बीबीसी के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है कि ज्वालामुखी फटने से समुद्र के भीतर हुए भूस्खलन की वजह से सुनामी आई। क्रेकाटोआ ज्वालामुकी रविवार को दोबारा फटा।

चार्टर विमान से शूट किए गए वीडियो में सुमात्रा और जावा के बीच सुंडा स्ट्रेट में तबाही का मंजर कैद हुआ है।

राष्ट्रपति जोको विडोडो ने पीड़ितों के प्रति शोक जताते हुए लोगों से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया है।

सड़कें बाधित होने से बचाव कार्य बाधित हुआ है। पीड़ितों की तलाश में मदद के लिए क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में मलबे को हटाने के लिए भारी उपकरण लाए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख सुतोपो पुरवो नुगरोहो ने जावा में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकीय एजेंसी की ओर से सुझाव हैं कि लोगों को समुद्र तट से दूरी बनाए रखनी चाहिए और वहां किसी तरह की गतिविधियों में संलिप्त नहीं रहना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “अनाक क्रेकाटोआ ज्वालामुखी के फिर से सक्रिय होने की वजह से फिर से सुनामी आने की संभावना है।”

गौरतलब है कि शुक्रवार को ज्वालामुखी दो मिनट और 12 सेकेंड के लिए फटा और उससे निकले धुएं का गुबार 400 मीटर तक ऊंचा उठा।

सुनामी की वजह से बड़ी संख्या में इमारतें नष्ट हो गईं, लहरों में कारें बह गईं, तानजुंग लेसुंग बीच रिसॉर्ट सहित कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में पेड़ जड़ से उखड़ गए।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो फुटेज में समुद्र की एक बड़ी लहर को एक रिसॉर्ट को तबाह करते देखा जा सकता है। इसी रिसॉर्ट में इंडोनेशिया का एक लोकप्रिय रॉक बैंड ‘सेवेंटीन’ परफॉर्म कर रहा था, जो सुनामी में बह गया।

अधिकारियों का कहना है कि जावा के पाडेंलांग पर्यटन स्थल में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। सुमात्रा में साउथ लामपुंग में 48 लोगों की मौत हो गई थी।

अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी विदेशी नागरिक के मरने की खबर नहीं है।

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