यूएनएएमआई ने अपने बयान में कहा कि मृतकों में सुरक्षा बल के जवानों को नहीं शामिल किया गया है क्योंकि इराकी सेना ने मृत सैनिकों की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
गौरतलब है कि हिंसा में मरने वाले सैनिकों के बारे में यूएनएमआई द्वारा जारी पिछले आंकड़ों को इराकी सेना ने गलत बताया था। यूएनएमआई ने भी कहा था कि ये आंकड़े असत्यापित व अपुष्ट थे।
बयान में कहा गया कि इराक के पश्चिमी प्रांत अन्बर में मरने वालों की संख्या को भी मार्च के आंकड़ों में नहीं शामिल किया गया है क्योंकि वहां के हालात के चलते आंकड़े जुटाने में दिक्कतें पेश आईं।
इराक के उत्तरी प्रांत निनेवे में अधिकांश नागरिक मारे गए। यहां पश्चिमी मोसुल में इराकी सेना और इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादियों के बीच हुई भीषण लड़ाई में 543 मारे गए, जबकि 561 अन्य घायल हो गए।
बयान में कहा गया कि इराक में संयुक्त राष्ट्र के दूत व यूएनएमआई प्रमुख जेन कुबिस ने आईएस द्वारा जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है और मोसुल में लड़ाई के दौरान नागरिकों की रक्षा के लिए इराकी सरकार के प्रयासों की सराहना की है।
dharmpath.com dharmpath