तेहरान, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान अपने परमाणु केंद्रों पर ऑनलाइन कैमरे स्थापित करने की अनुमति नहीं देगा। यह बात ईरान की संसद के एक सदस्य ने विदेश मंत्री मोहम्मद जावाद जारिफ के हवाले से कही है।
सांसद गुलामअली जफरजादेह इमेनाबादी ने बताया कि जारिफ ने मंगलवार सुबह मजलिस (ईरानी संसद) के एक निजी सत्र में यह बात कही। इस सत्र में ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख अली अकबर सालेही मौजूद थे।
सांसद ने कहा कि जारिफ ने संसद को बताया कि तेहरान निगरानी रखने के लिए ऑनलाइन कैमरों की अनुमति नहीं देगा।
इमेनाबादी ने कहा कि सत्र के दौरान सालेही ने ईरान की परमाणु क्षमताओं की जापान, ब्राजील और अर्जेटीना जैसे देशों से तुलना की और कहा कि ईरान पूरी तरह स्थानीय वैज्ञानिकों के बल पर परमाणु शक्ति वाला देश बना है।
सालेही ने संसद में यह भी कहा कि पश्चिमी देशों ने ईरान के साथ बातचीत शुरू करने का रास्ता इसलिए अख्तियार किया, क्योंकि उनके पास इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं था।
संसद सदस्य ने बताया कि जारिफ ने कहा कि ईरान अतीत में परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या के अपने कड़वे अनुभवों के कारण परमाणु केंद्रों में ऑनलाइन कैमरों की अनुमति नहीं देगा।
जारिफ ने कहा कि लोगों को गोपनीय दस्तावेजों के खुलासे से चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ईरान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत निरीक्षण तंत्र से परे किसी भी चीज की अनुमति नहीं दे रहा था।
जारिफ ने कहा, “मैंने पश्चिमी देशों को बताया कि ईरान प्रतिबंधों के दबाव के कारण नहीं बल्कि इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुलाह अली खामेनी द्वारा जारी धार्मिक फरमान के कारण परमाणु बम नहीं बना रहा है। इसलिए ईरान ऐसा कभी नहीं करने वाला।”
इमेनाबादी ने कहा, “जारिफ ने पश्चिमी देशों को यह भी कहा कि ईरान जब भी चाहे परमाणु बम बना सकता है।”
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