तेहरान, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। जापान और ईरान के बीच आगामी दो वर्षो में अरबों डॉलर के तेल के ठेकों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। ईरान के तेल मंत्री बिजन नामदार जंगनेह ने जापान के विदेश मंत्री फुमियो किशिदा के साथ यहां बैठक के बाद यह जानकारी दी।
समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, जंगनेह ने सोमवार को कहा कि जापान के साथ कोई भी समझौता संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) के क्रियान्वयन का विषय है, जिसका तेहरान व पी5प्लस1 समूह ने ईरान पर लगी पाबंदियों को हटाने के लिए 14 जुलाई को विएना में समर्थन किया था।
ईरान द्वारा जापान को तेल पर रियायत देने की रपटों को खारिज करते हुए जंगनेह ने कहा, “इस्लामिक गणराज्य में सक्रिय भूमिका के लिए भारी तादाद में विदेशी कंपनियां विचार कर रही हैं।”
जंगनेह ने कहा कि ईरान नए तेल समझौते कर रहा है, जो विदेशी निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल होगा और पड़ोसी देशों के साथ संयुक्त क्षेत्रों के विकास के साथ ही तेल कुओं से निकासी दर बढ़ाने पर केंद्रित होगा।
जंगनेह ने कहा कि जापानी सेवा कंपनियों को अपनी गतिविधियों के लिए बीमा प्रदान करने की जरूरत होगी, यदि वे ईरान में अपनी उपस्थिति में विस्तार के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा, “अतीत में दोनों देशों के बीच सहयोग अच्छा रहा है और हम उम्मीद करते हैं कि प्रतिबंधों में राहत के बाद परस्पर संबंध और मजबूत होंगे।”
उल्लेखनीय है कि ईरान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश है, वहीं इसके पास दुनिया में सबसे बड़ा गैस भंडार है।
जुलाई में परमाणु समझौते के बाद अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध हटने के बाद विभिन्न देश ईरान के साथ आकर्षक ऊर्जा सौदों के लिए हाथ-पांव मार रहे हैं।
परमाणु समझौते के मद्देनजर ईरान, जर्मनी, स्पेन ऑस्ट्रिया, इटली, जापान तथा फ्रांस की प्रमुख ऊर्जा कंपनियों व कॉरपोरेट कार्यकारियों की मेजबानी कर चुका है।
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