तेहरान, 8 मार्च (आईएएनएस)। चल रहे सैन्य अभ्यास के दौरान ईरान ने मंगलवार को कई प्रक्षेपास्त्रों के परीक्षण किए। इस अवसर पर इस्लामी क्रांति गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) के कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर मौजूद थे।
उललेखनीय सैन्य अभ्यास इस्लामी गणराज्य ईरान की अखंडता पर खतरा से निपटने की क्षमता में वृद्धि के उद्देश्य से देश के विभिन्न भागों में किया गया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, गत अक्टूबर में ईरान ने लंबी दूरी की मारक क्षमता वाले इमाद प्रक्षेपास्त्र का सफल परीक्षण किया था जो लक्ष्य भेदने तक नियंत्रित किया जा सकता है।
इसके बाद गत साल दिसंबर में संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया था कि ईरान ने परमाणु हथियार ढोने वाला इमाद प्रक्षेपास्त्र का परीक्षण कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 1929 का उल्लंघन किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, इमाद प्रक्षेपास्त्र की मारक क्षमता 1000 किलोमीटर से कम नहीं है और 1000 किलोग्राम तक वजन तक विस्फोटक ले जा सकता है, जबकि संरा प्रस्ताव 1929 के तहत परमाणु हथियार ढोने वाले प्रक्षेपास्त्र बनाने के लिए प्रतिबंधित है।
लेकिन ईरानी रक्षा मंत्री ने संरा रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि इमाद एक पारंपरिक प्रक्षेपास्त्र है।
ऐसा माना जा रहा है कि मध्य पूर्व के देशों में ईरान के पास प्रक्षेपास्त्र का सबसे बड़ा जखीरा है और वह दो हजार किमी तक मारक क्षमता वाला प्रक्षेपास्त्र विकसित कर चुका है।
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