ईरान के गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में उप गृह मंत्री होसैन अली अमीरी ने बताया कि पहले संविधान के संरक्षण परिषद ने 1,500 से ज्यादा उम्मीदवारों को अयोग्य ठहरा दिया था। लेकिन इस फैसले के बाद वे 26 फरवरी को होने वाले आम चुनावों में खड़े हो सकेंगे।
ईरान में संविधान संरक्षण परिषद उम्मीदवारों की इस्लामी स्थापना के सिद्धांतों के प्रति विश्वसनीयता के अनुमोदन के लिए जिम्मेवार है।
इस चुनाव में कुल 12,000 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया गया था, जिसमें से 51 फीसदी को चुनाव लड़ने योग्य पाया गया। अमीरी ने बताया कि योग्य उम्मीदवारों में 10 फीसदी महिलाएं शामिल हैं।
वे कहते हैं, ईरान के संभावित संसद सदस्यों में परंपरावादी और नरमपंथी से लेकर सुधारवादी तक सभी शामिल हैं। यही कारण है कि आने वाले चुनाव में भारी संख्या में मतदान होने की उम्मीद है।
वर्तमान में ईरान की मजलिस (संसद) में परंपरावादियों का प्रभुत्व है। वहीं, सुधारवादी राष्ट्रपति हसन रोहानी की खुली नीतियों की प्रशंसा कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस चुनाव में वे भारी संख्या में जीतकर मजलिस में आएंगे।
ईरान की संसद में कुल 290 जनप्रतिनिधि हैं, जिनमें 8 फीसदी महिलाएं है। वहां मजलिस के सदस्यों का कार्यकाल चार साल निर्धारित है।
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