उत्तर कोरिया ने दूसरे आईसीबीएम का सफल परीक्षण किया (लीड-2)

प्योंगयांग, 29 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने दूसरे अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईबीसीएम) के सफल परीक्षण की पुष्टि की है और इसे अमेरिका के लिए एक सख्त चेतावनी बताया है।

सीएनएन द्वारा शनिवार को जारी रपट के मुताबिक, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त विश्लेषण से यह बात सामने आई है कि शुक्रवार को चीन से लगी उत्तर कोरिया की सीमा के पास मुपयोंग-नी से लांच की गई मिसाइल करीब 47 मिनट की उड़ान में 3,700 किलोमीटर ऊपर पहुंची और समुद्र में गिरने से पहले इसने 1,000 किलोमीटर की दूरी तय की थी।

माना जा रहा है कि प्रमुख अमेरिकी शहर जैसे लॉस एंजेलिस, डेनवर और शिकागो इसकी जद में आ सकते हैं। इसके न्यूयॉर्क और बोस्टन तक पहुंचने की भी संभावना जताई गई है।

दक्षिण कोरिया के ‘जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ’ ने शनिवार को कहा कि हालिया आईसीबीएम इस महीने के शुरुआत में लांच किए गए आईसीबीएम के मुकाबले कही ज्यादा उन्नत है। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षण ने यह दर्शाया है कि उत्तर कोरिया में अलास्का को निशाना बनाने की क्षमता है।

उत्तर कोरिया की सरकारी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएन) ने अपने बयान में कहा कि यह मिसाइल ह्वासोंग-14 है, और इस महीने के प्रारंभ में भी इसी तरह की मिसाइल लांच की गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परीक्षण की निंदा करते हुए कहा, “दुनिया को खतरा..ये हथियार और परीक्षण उत्तर कोरिया को अलग-थलग करते हैं, इसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर और लोगों को वंचित करते हैं।”

उन्होंने कहा, “अमेरिका अपनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्र में हमारे सहयोगियों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।”

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने शनिवार को आपात बैठक में कड़ी प्रतिक्रिया देने की मांग की और चेतावनी दी कि नवीनतम परीक्षण क्षेत्र के सुरक्षा परिदृश्य में बुनियादी परिवर्तन ला सकता है।

उन्होंने अपने प्रशासन से जरूरत पड़ने पर उत्तर कोरिया पर मजबूत व प्रभावी एकतरफा प्रतिबंध लागू करने की संभावना का अध्ययन करने के लिए कहा।

इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने शनिवार को उत्तर कोरिया से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का सम्मान करने के लिए कहा और ऐसा कोई भी कदम उठाने से बचने के लिए कहा, जो क्षेत्र में तनाव बढ़ाए।

सीएनएन के अनुसार, फरवरी से लेकर अब तक उत्तर कोरिया 12 मिसाइलों का परीक्षण कर चुका है और इसने अपना पहला आईसीबीएम परीक्षण चार जुलाई को किया था, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि यह दुनिया में कहीं भी पहुंच सकती है।

सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, किम जोंग-उन ने अपने छह साल से भी कम अवधि के कार्यकाल में संयुक्त रूप से अपने दादा और पिता के मुकाबले कहीं ज्यादा मिसाइल परीक्षण किए हैं।

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