किम जोंग-उन के नेतृत्व में तथा 36 सालों के अंतराल में डब्ल्यूपीके का यह पहला अधिवेशन है।
साल 2016 में यह उत्तर कोरिया का बेहद महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है, जिसमें सत्तारूढ़ पार्टी नई राजनीतिक व आर्थिक नीतियों पर विचार करेगी तथा मध्यम व दीर्घकालिक विकास की योजना बनाएगी। साथ ही उत्तर कोरिया के लिए यह अधिवेशन नेतृत्व के प्रति सेना व लोगों की वफादारी को मजबूत करने का एक मौका है।
तीन साल पहले मार्च 2013 में पार्टी की केंद्रीय कमेटी की एक पूर्ण बैठक के दौरान किम ने आर्थिक विकास तथा देश की परमाणु क्षमता को एक साथ बढ़ावा देने के लिए एक नीति ‘लाइन ऑफ बुंगजिन’ की शुरुआत की थी।
विश्लेषकों का कहना है कि अधिवेशन में परमाणु हथियारों तथा राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को एक साथ विकसित करने तथा उत्तर कोरिया को एक परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र का दर्जा दिलाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने अधिवेशन से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी है। माना जा रहा है कि किम उद्घाटन सत्र में एक लंबा भाषण दे सकते हैं।
प्योंगयांग ने अक्टूबर 2015 में घोषणा की थी कि डब्ल्यूपीके का अधिवेशन मई के प्रारंभ में होगा। छठा अधिवेशन सन् 1980 में हुआ था।
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