नई दिल्ली, 12 सितम्बर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दो मंत्रियों की बर्खास्तगी को दिखावा करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह फैसला सत्तारूढ़ ‘यादव परिवार’ को बचाने के लिए किया गया है।
भाजपा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नैतिकता के आधार पर अखिलेश यादव से भी इस्तीफा देने की मांग की है।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “गायत्री प्रजापति को बलि का बकरा बनाया गया है और इसके पीछे आप(अखिलेश) और आपका परिवार है। अपने आपको और अपने परिवार को बचाने के लिए आपने इन मंत्रियों को बर्खास्त किया है।”
अखिलेश यादव ने सोमवार को खनन मंत्री गायत्री प्रजापति और पंचायती राज राज्यमंत्री राज किशोर को बर्खास्त कर दिया।
प्रजापति खनन ठेकेदारों से रिश्वत लेने, भूमि हड़पने और फिरौती वसूलने सहित भ्रष्टाचार के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं, जबकि राजकिशोर पर भूमि हथियाने के आरोप हैं।
शर्मा ने कहा, “यदि मुख्यमंत्री में जरा-सी भी नैतिकता बची है तो उन्हें खुद इस्तीफा दे देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि हटाए गए मंत्री अखिलेश यादव और उनके परिवार के लिए पैसे जुटाते थे।
भाजपा नेता ने समाजवादी पार्टी की सरकार पर इन मंत्रियों को बचाने का आरोप लगाया।
शर्मा ने कहा, “लोकायुक्त ने प्रजापति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की थी, लेकिन अखिलेश यादव ने पिछले दो साल से उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।”
मंत्रियों को बर्खास्त करने का यह कदम इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें उसने राज्य में अवैध खनन की केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) से जांच कराने का आदेश दिया है।
राज्य सरकार ने अदालत से अवैध खनन मामले की सीबीआई जांच का आदेश वापस लेने का आग्रह किया था, लेकिन अदालत ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
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