लखनऊ, 15 नवंबर -। उत्तर प्रदेश में हाथ से मैला उठाने वालों की तकदीर बदलने वाली है। ऐसे लोगों को चयनित कर उनके नियोजन और पुनर्वास के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कल्याण नियोजन प्रकोष्ठ के सचिव के. राम राव ने जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है। पत्र में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन और उनका पुनर्वास अधिनियम 13 के तहत किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है।
पत्र के अनुसार, हाथ से मैला उठाने वालों को इस अस्वास्थ्यकर पेशे से मुक्ति दिलाकर उन्हें कोई दूसरा रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनुसूचित जाति एवं वित्त विभाग द्वारा बैंक से ऋण दिलवाया जाएगा। इसके अलावा मैला उठाने वाले लोगों के आश्रित, जिनकी उम्र 18 वर्ष से ऊपर है, उन्हें सरकार द्वारा संचालित कई योजनाओं के तहत दक्षता प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बताया गया है कि मैला उठाने वालों को स्वावलंबी बनाने के लिए विभाग द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही उन्हें भैंस, बकरी पालन, मुर्गी पालन, कंप्यूटर प्रशिक्षण, मोटर-बाइक रिपेयरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में हाथ से मैला उठाने की परंपरा खत्म करने का सख्त निर्देश दिया था। इसके बाद केंद्र व प्रदेश सरकारों ने इसे गंभीरता से लिया है।
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