मनोज शर्मा के अनुसार, रजा अपने समर्थक ठेकेदार नईम शास्त्री को जननी सुरक्षा योजना का ठेका दिलाने का दबाव डाल रहे हैं और दबाव की अनदेखी करके ठेका का टेंडर बेचने पर पहले नईम शास्त्री और बाद में स्वयं रजा ने उनको जान से मारने की धमकी दी।
बताते हैं कि इस मामले की तहरीर कोतवाली में देने के साथ डीएम, सीएमओ के साथ अन्य संबंधित उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा दिलाने की मांग की है।
स्वास्थ्य विााग की ओर से जिले के सामुदायिक, प्राथमिक और महिला अस्पतालों में जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत प्रसूता महिलाओं को भोजन एवं पोषक आहार दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए टेंडर के आधार पर ठेका होना है। स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ डॉ.आर.डी. तिवारी के आदेश पर टेंडरों की नीलामी हुई, जिसमें तीन से सात दिसंबर तक 14 टेंडर बिक चुके हैं।
डीपीएम मनोज शर्मा के अनुसार, सात दिसंबर को ठेकेदार नईम शास्त्री ने टेंडरों की बिक्री पर एतराज करते हुए कहा कि राज्यमंत्री रजा का आदेश है कि कोई टेंडर नहीं बेचा जाएगा और जब उन्होंने ऐसा कर पाने से इनकार किया तो नईम शास्त्री ने उनको जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उसी दिन नईम ने रात 9.45 बजे फोन करके रजा से उनकी बात कराई, जिस पर रजा ने उनसे बदसलूकी करते हुए धमकी दी कि 11 दिसंबर को टेंडर खुले तो उनको जान से मार दिया जाएगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिले के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं चार महिला अस्पतालों में प्रसूताओं को पोषक आहार और भोजन मुहैया कराने के लिए 50 लाख रुपये का ठेका होना है। इस मामले को लेकर रजा को फोन करके उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो पूरी रिंग जाने के बावजूद उनका फोन रिसीव नहीं किया गया। इस कारण उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है।
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