इस तरह सभी 11 जनसूचना अधिकारियों पर कुल 90 हजार रुपये का जुमार्ना लगा है। दरअसल राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20 के तहत इन 11 अधिकारियों को शोकाज नोटिस जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि वादी को 30 दिन के अंदर अनिवार्य तौर पर सूचना उपलब्ध कराएं।
30 दिन के अंदर सूचना देना नियम के तहत अनिवार्य है। अधिनियम की धारा 19 (7) के तहत आयोग का आदेश बाध्यकारी भी है। लेकिन इन अधिकारियों ने आदेश के बाद भी वादी को 30 दिन के अंदर न तो सूचना उपलब्ध कराई और न ही आयोग में उपस्थित हुए, जिस पर सूचना आयुक्त उस्मान ने 11 जन सूचना अधिकारियों को दोषी मानते हुए आर्थिक दंड लगाया है।
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