नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की तीसरी सालाना बैठक मुंबई में जून में आयोजित करने का निर्णय भारत की बहुपक्षीय संस्था में सक्रिय भागीदारी की स्वीकृति है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को यह बातें कही।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (आईएएनएस)। एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की तीसरी सालाना बैठक मुंबई में जून में आयोजित करने का निर्णय भारत की बहुपक्षीय संस्था में सक्रिय भागीदारी की स्वीकृति है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को यह बातें कही।
उन्होंने यह भी कहा कि यह भारत की कई परियोजनाओं की एआईआईबी द्वारा वित्तपोषण पर सहमति को दर्शाता है।
विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से मुंबई में किए जाने वाले इस आयोजन का लोगो जारी करते हुए जेटली ने यह बातें कही।
यह बैठक 25-26 जून को होगी और इसका थीम ‘अवसंरचना के लिए वित्त का प्रबंध : नवाचार और भागीदारी’ रखा गया है।
जेटली ने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत ने ना केवल एआईआईबी का भागीदार बनने का फैसला किया है, बल्कि यह सक्रिय भागीदार भी है और बीजिंग और जेजू (दक्षिण कोरिया) में हुए पिछले सम्मेलनों के बाद अब भारत को चुना गया है।”
उन्होंने कहा कि एआईआईबी अपने गठन के बाद से पिछले दो वर्षो में ‘प्रभावी रूप से’ काम कर रहा है और कई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं।
जेटली ने कहा, “भारत पांच परियोजनाओं के साथ सबसे आगे है और सक्रिय रूप से वित्त पोषित है और कई अन्य विचाराधीन है।”
उन्होंने कहा कि एआईआईबी के वर्तमान अध्यक्ष जिन लिकुन चीन से हैं और वे बैंक में ‘भारत से बड़े पैमाने पर प्रतिभा को लाने के इच्छुक’ हैं।
एआईआईबी के अध्यक्ष ने कहा कि बीजिंग स्थित मुख्यालय वाले इस बैंक ने भारत में पिछले दो सालों में 1 अरब डॉलर का निवेश किया है।
पिछले साल एआईआईबी ने कहा था कि वह भारत में छह नई परियोजनाओं के वित्त पोषण पर विचार कर रही है।
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