नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) ने देश में फुटबाल की बेहतरी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंगलवार को त्रिस्तरीय फुटबाल ढांचे का ऐलान किया। 2017-18 सत्र से लागू होने वाली इस व्यवस्था में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) को भी एक नया रूप दिया गया है।
इस संरचना के तहत अब आईएसएल में 10 से 12 टीमें होंगी और इसमें कोई रेलीगेशन नहीं होगा।
आईएसएल के बाद लीग-1 और लीग-2 का आयोजन होगा। इन दोनों में ही रेलीगेशन और प्रोमोशन होगा। लीग-1 और लीग-2 डिवीजन में 10-10 टीमें होंगी।
आईएसएल में शामिल टीमों की संख्या पर अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा। लेकिन, वर्तमान की आठ टीमें इस लीग में हिस्सा लेंगी।
एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने कहा कि आईएसएल और मौजूदा आई-लीग के बीच के विवाद को कम करने के लिए यह बदलाव जरूरी है।
अतिरिक्त टीमों के लिए निविदा बाद में आमंत्रित की जाएगी। आई-लीग की टीमें आईएसएल में शामिल की जा सकती हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अभी इस बात को लेकर भी पुष्टि नहीं पाई है कि कोलकाता जाएंट्स, मोहन बागान, ईस्ट बंगाल और आई-लीग चैम्पियन बेंगलुरु एफसी को नई आईएसएल में शामिल किया जाएगा या नहीं।
आईएसएल के 2017-18 सत्र का आयोजन अक्टूबर से दिसंबर के बजाए नवम्बर 2017 से मार्च 2018 तक होगा। अक्टूबर में होने वाले अंडर-17 विश्व कप की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
आईएसएल 2018-19 सत्र में सात माह तक होगा। इसे सितम्बर से मार्च तक आयोजित किया जाएगा।
एआईएफएफ और इसके विपणन साझेदारों ने दो लीग के विलय पर चर्चा के लिए मंगलवार को 29 क्लबों को आमंत्रित किया। इनमें नौ आई-लीग और आठ आईएसएल के थे।
लीग-1 और लीग-2, आईएसएल के साथ-साथ चलेंगी। 2017-18 सत्र में यह पांच माह के लिए और इसके पश्चात आगामी सत्रों में सात माह तक आयोजित होंगी।
तीनों लीग के मैचों का टेलीविजन पर प्रसारण होगा। 2018 सत्र से फेडरेशन कप को सुपर कप के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही अभी बंद पड़े नेहरू कप की जगह पर चैम्पियंस कप टूर्नामेंट शुरू किया जाएगा।
इसके साथ ही महिला लीग का भी आयोजन होगा, जिसका लक्ष्य राष्ट्रीय टीम को 2019 फीफा विश्व कप में क्वालीफाई कराने का है।
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