काठमांडू, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। नेपाल में विनाशकारी भूकंप के बाद जरूरी चिकित्सा जरूरतों का आकलन करने के लिए मेडिसिन्स सैंस फ्रंटियर्स (एमएसएफ) और चिकित्सकों के चार दल नेपाल पहुंच गए हैं।
एमएसएफ ने बयान में कहा गया है कि आगामी दिनों में और अंतर्राष्ट्रीय स्टाफ की भी नेपाल पहुंचने की उम्मीद है।
17 सदस्यीय दल ने हेलीकॉप्टर के जरिए तबाही के शुरुआती आकलन का काम शुरू कर दिया है।
एमआरएफ का एक दल सड़क मार्ग से भारत के बिहार से नेपाल के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र गोरखा पहुंच गया है, जो काठमांडू से 70 किलोमीटर दूर है। गोरखा जाने के लिए आवश्यक सामानों से लदे तीन ट्रक रास्ते में है।
ब्रसेल्स से 11 सदस्यीय शल्य और चिकित्सा दल चिकित्सा उपकरणों के साथ यहां पहुंच गया है, जिनसे उन्हें शल्य चिकित्सा इकाई स्थापित करने में मदद मिलेगी।
यह दल अस्पतालों, मोबाइल क्लिनिकों के लिए सहायता उपलब्ध करने और कंबल, स्वास्थ्य उपकरणों और तंबू जैसी राहत सामग्री वितरित करने के लिए तनाहू, लामजुंग और गोरखा जिलों का भी दौरा करेगी।
एमएसएफ ने कहा है कि 35 टन वजनी चार्टर विमान फ्रांस के बॉर्डेक्स से प्रस्थान कर गया है। इसमें 56 बिस्तरों की क्षमता वाला अस्पताल, आपात सामग्रियां और दवाइयां शामिल हैं।
बेल्जियम के ओस्टेंडे में एमएसएफ के आपूर्ति डिपो से 30 टन आपात राहत सामग्री भेजी गई है। चिकित्सा और जल एवं सफाई विशेषज्ञों का एक दल भी एम्सटर्डम से नेपाल के लिए रवाना हो गया है।
नेपाल में शनिवार को आए 7.9 तीव्रता के भूकंप में लगभग 4,500 लोगों की मौत हो गई है।
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