इस्लामाबाद, 22 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची शहर में एशिया के सबसे बड़े क्रॉस का निर्माण किया जा रहा है। शुक्रवार को मीडिया में जारी खबरों के मुताबिक, इस क्रॉस की कुल लंबाई 140 फीट है।
डॉन ऑनलाइन के मुताबिक, पाकिस्तान के इसाई व्यापारी परवेज हेनरी गिल गो कब्रिस्तान सिमिट्री में इस क्रॉस का निर्माण करवा रहे हैं।
गिल का दावा है कि चार साल पहले उनके सपने में ईश्वर आए थे और उन्होंने उनसे क्रिश्चियन समुदाय के लिए कुछ करने की बात कही थी। इसी सपने के बाद उन्होंने 90 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले देश में एशिया का सबसे बड़ा क्रॉस बनबाने का फैसला लिया।
निर्माण के दौरान इसकी संरचना की प्रकृति को पूरी तरह से गोपनीय रखा था, लेकिन एक दिन जब वहां पर काम कर रहे 20 मजदूरों के इसके बारे में पता चला तो उनमें से 19 ने काम छोड़ दिया और केवल एक मजदूर काम करता रहा।
सूत्रों ने कहा कि काम जारी रखने वाले उस मुस्लिम मजदूर का नाम मोहम्मद अली है। उसका कहना है कि क्रॉस का निर्माण ईश्वर का कार्य है। वह सप्ताह के सातों दिन 14 घंटे तक काम करता है। हालांकि उसे इस दौरान गिल के परिवार की मदद मिलती रही।
कराची की 2.1 करोड़ की आबादी में इसाई समुदाय के लोगों की संख्या 10 लाख है।
गिल का कहना है कि क्रॉस ईश्वर का प्रतीक होगा और जो कोई भी इसे देखेगा वह चिता मुक्त हो जाएगा।
गोरा कब्रिस्तान इसाई समुदाय का कब्रिस्तान है, जो आए दिन शरारती तत्वों का निशाना बनता है।
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