‘ऑनलाइन बुलिंग’ से डिप्रेशन का शिकार होते हैं किशोर

न्यूयॉर्क, 10 मई (आईएएनएस)। माता-पिता ध्यान दें, जो किशोर ऑनलाइन बुलिंग (बदमाशी) के शिकार होते हैं उन्हें कम नींद और डिप्रेशन (अवसाद) का सामना करना पड़ता है। एक अध्ययन ने इस बात को लेकर चेताया है।

साइबर शिकार और नींद की गुणवत्ता के बीच संबंध का पता लगाने के लिए कुछ अध्ययनों में से एक में बफेलो विश्वविद्यालय की अनुसंधान टीम ने 800 से अधिक किशोरों के बीच ऑनलाइन बुलिंग और अवसाद के बीच संबंधों की जांच की।

बफेलो विश्वविद्यालय से पीएचडी के छात्र मिशोल क्वोन ने कहा, “इंटरनेट और सोशल मीडिया पर साइबर उत्पीड़न सहकर्मी उत्पीड़न और किशोरों के बीच एक उभरती मानसिक स्वास्थ्य चिंता का एक अनूठा रूप है।”

क्वोन ने कहा कि 15 प्रतिशत अमेरिकी हाई स्कूलों के छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तंग किया जाता है।

गंभीर स्तर पर स्कूल में प्रदर्शन से लेकर, रिश्तों में दूरियां और यहां तक की आत्महत्या का कारण भी डिप्रेशन बन सकता है।

अमेरिका के किशोर स्वास्थ्य के कार्यालय के अनुसार, लगभग एक तिहाई किशोरों में अवसाद के लक्षण अनुभव हुए हैं, जिनमें नींद के पैटर्न में बदलाव के अलावा, लगातार चिड़चिड़ापन, क्रोध और सामाज से कटाव शामिल हैं।

8 से 12 जून तक टेक्सास में ‘एसएलईईपी 2019’ सम्मेलन में अध्ययन को प्रस्तुत किया जाएगा।

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