कैनबरा, 14 सितंबर (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट को वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मलकॉम टर्नबुल ने यहां संसद सदन में सोमवार को पार्टी के एक आंतरिक मतदान में सत्ता से बेदखल कर दिया। मलकॉम देश के 29वें प्रधानमंत्री होंगे।
एबीसी की एक रपट के अनुसार, टर्नबुल ने सोमवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया, इसे नेतृत्व में बदलाव के लिए दबाव बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा था।
आंतरिक मतदान में ही विदेश मंत्री जूली बिशॉप ने लिबरल पार्टी के उपनेता पद के लिए केविन एंड्र्यूज को हराया।
मतदान में टर्नबुल को 54 मत मिले, जबकि एबॉट को 44 मत। मतदान से पहले टर्नबुल ने कहा कि उनका नाम आगे बढ़ाने के लिए उन पर बेहद दबाव था।
टर्नबुल ने कहा, “यह ऐसा फैसला नहीं है, जिसे कोई हल्के में ले सके। इसके लिए मैंने कई सहकर्मियों, ऑस्ट्रेलिया के कई नागरिकों और जीवन के हर क्षेत्र के सर्मथकों से सलाह ली। यह फैसला लेने के लिए लंबे समय से कई लोग मुझसे आग्रह कर रहे थे।”
उन्होंने कहा, “यह बात स्पष्ट है कि सरकार हमें वह आर्थिक नेतृत्व देने में नाकाम रही, जिसकी हमें जरूरत थी। यह किसी एक मंत्री की गलती नहीं है।”
टर्नबुल ने कहा, “अंतत: वे (टोनी एबॉट) हमें वह आर्थिक नेतृत्व प्रदान नहीं कर पा रहे थे, जिसकी देश को जरूरत थी। व्यापार को जिस आर्थिक विश्वास की जरूरत होती है, वह प्रदान करने में सक्षम नहीं रह गए थे।”
टर्नबुल ने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनसे कहा था कि मैं लिबरल पार्टी के उनके नेतृत्व को चुनौती देने जा रहा हूं।”
उन्होंने कहा, “हमें अलग तरह के नेतृत्व की जरूरत थी। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए था जो लोगों की बुद्धिमत्ता का आदर करे।”
हालांकि एबॉट ने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में एक मीडिया आयोजन के अवसर पर नेतृत्व की अटकलों को खारिज किया था।
एबॉट ने कहा, “मेरा काम वही है, जिसके लिए जनता ने दो वर्ष पहले मुझे चुना था। यानी तीन वर्षो तक हर दिन सही शासन करना और फिर लोगों के फैसले का इंतजार करना है।”
एबॉट के गवर्नर जनरल को पत्र लिखने और इस्तीफा देने के बाद टनर्बुल के शपथ लेने की उम्मीद है।
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