केनबरा, 16 जनवरी (आईएएनएस)। जापान और ऑस्ट्रेलिया द्वारा ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप (टीपीपी) पर हस्ताक्षर के लिए अमेरिका पर दबाव बनाने के प्रयास के तहत ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल टीपीपी को मंजूरी प्रदान करने के लिए संसदीय मतदान प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि समझौते में संशोधन की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि वह अमेरिका को अधिक संरक्षणवादी बनाने की दिशा में कदम उठाएंगे।
सप्ताहांत में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ बैठक के बाद टर्नबुल ने कहा कि राष्ट्रपति की मंजूरी न मिलने के बावजूद अमेरिकी कांग्रेस द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर के लिए अमेरिका पर दबाव बनाने को लेकर वह 10 अन्य देशों को समझौते पर हस्ताक्षर के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
न्यूज कॉर्प के मुताबिक, टर्नबुल ने कहा, “वैश्विक राजनीतिक हालात में संरक्षणवाद मौजूद है, लेकिन जापान के प्रधानमंत्री और मैं टीपीपी को लागू कर मुक्त व्यापार व खुले बाजार के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।”
उल्लेखनीय है कि टीपीपी एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है, जो 12 प्रशांत देशों -न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, कनाडा, चिली, जापान, मलेशिया, मेक्सिको, पेरू, सिंगापुर, अमेरिका तथा वियतनाम के बीच व्यापार व निवेश को स्वतंत्रता प्रदान करेगा।
ट्रंप ने पहले टीपीपी को एक ‘खौफनाक’ समझौता करार दिया था और अमेरिका की सत्ता मिलने के बाद इसे रोकने का संकल्प लिया था।
dharmpath.com dharmpath