कैनबेरा, 4 मई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया की संघीय पुलिस (एएफपी) ने इंडोनेशिया में फांसी की सजा पाने वाले दो दोषियों की गिरफ्तारी में अपनी भूमिका का सोमवार को बचाव किया।
एएफपी द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर ही इंडोनेशिया की पुलिस ने एंड्र्यू चैन (31) व म्यूरान सुकुमारन (33) को वर्ष 2005 में गिरफ्तार किया गया था।
नुसा कंबांगन द्वीप के बेसी जेल में 28 अप्रैल को दोनों को फांसी दे दी गई थी।
समाचार चैनल एबीसी के मुताबिक, एएफपी के आयुक्त एंर्डयू कोल्विन ने मादक पदार्थो की तस्करी करने वाले गिरोह के बारे में इंडोनेशियाई पुलिस को सूचना देने का बचाव करते हुए कहा कि इंडोनेशिया से निकलने के पहले उनके पास दोनों ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को गिरफ्तार करने के पुख्ता सबूत नहीं थे।
कोल्विन ने कहा, “उस समय चीजें धुंधली थीं। हमें नहीं पता था कि इसमें कौन-कौन शामिल हैं। हमें योजना की जानकारी नहीं थी और यह तक पता नहीं था कि वह अवैध वस्तु आखिर क्या थी।”
उन्होंने कहा, “इसके बाद एएफपी ने इंडोनेशिया की पुलिस से संपर्क किया और उनकी सहायता की मांग की।”
इसी बीच, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री जूली बिशप इंडोनेशिया में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत पाउल ग्रीगसन से पर्थ में दिन बाद बातचीत करेंगे।
फांसी के बाद पिछले सप्ताह ग्रीगसन को वापस बुला लिया गया था।
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