नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत ने बुधवार को सऊदी अरब के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया, जिसके तहत संयुक्त रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में पश्चिमी तट पर एक एकीकृत रिफायनरी और पेट्रोकेमिकल कांप्लेक्स का निर्माण किया जाएगा, जिसकी क्षमता 12 लाख बैरल रोजाना होगी।
रत्नागिरी रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल लि. (आरआरपीसीएल) की स्थापना के लिए एमओयू पर सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम के कंसोर्टियम तथा सऊदी अरब की राष्ट्रीय तेल कंपनी अरामको ने 16वें अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा फोरम (आईईएफ) की मंत्रियों की बैठक के इतर हस्तारक्षर किए। इस बैठक का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
इस बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करने वालों में सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद अल-फलिया भी थे।
भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस परियोजना की लागत करीब 3 लाख करोड़ रुपये (44 अरब डॉलर) होगी। इसमें भारतीय कंपनियों का स्वामित्व 50 फीसदी होगा, जबकि बाकी हिस्सेदारी सऊदी अरामको और एक अन्य रणनीतिक भागीदार की होगी।
बयान में कहा गया, “इस रिफाइनरी से बीएस 6 ईंधन दक्षता मानदंडों के पेट्रोल-डीजल के अलावा कई परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों की श्रंखला का उत्पादन किया जाएगा।”
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