नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। आजकल बाजार में प्रचलित ओवर द काउंटर (ओटीसी) गोलियों से तुरंत आरम तो मिल जाता है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव झकझोर कर रख देते हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञ इन दवाओं से दूर रहने की चेतावनी देते हैं।
दर्दनाशक दवाइयां, जो त्वचा को जवान रखने, लंबाई बढ़ाने, कमर को पतला रखने, गभाधान को नियंत्रित करे और आवश्यकता पड़ने पर गर्भपात गोलियां में भी मदद करने वाली ओटीसी गोलियां खाना महंगा पड़ सकता है। इनके कई दुष्प्रभाव भी होते हैं।
इससे यकृत को क्षति पहुंचती है, छाले (अल्सर), किडनी खराब होती है और गर्भपात के जोखिम भी हैं जो इन छोटी गोलियों को खाने के कारण आपके शरीर और जीवन पर पड़ सकते हैं।
इस देश में चिकित्सकीय त्रुटियां शीर्ष 10 मौत के कारणों में से एक हैं। ओटीसी का प्रयोग सामान्य तौर पर अल्पकालिक कमजोरी और लक्षणों को ठीक करने के लिए किया जात है, लेकिन लोग चिकित्सक की सलाह के बिना इसे नियमित तौर पर खाते रहते हैं जो कि उन त्रुटियों में से एक है जिनके कारण से दीर्घकालिक कमजोरी और स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती हैं।
नर्चर आईवीएफ केंद्र की महिला रोग विशेषज्ञ एवं प्रसूति-विज्ञानी डॉ.अर्चना धवन बजाज कहती हैं, “ओटीसी गोलियों को बिल्कुल न कहें। डॉक्टर से सलाह लिए बिना, किसी भी प्रकार की दवा खाना नुकसानदेह हो सकता है। आज महिलाएं बाहर जाती हैं और अपने लिए गर्भनिरोधक गोलियां खरीद लेती हैं, इस तथ्य से जाने बिना कि यह एक अंतर्निहित चिकित्सकीय स्थिति को पैदा कर सकता है।”
उन्होंने कहा कि इन दवाओं को खाने से कई समस्याएं, गंभीर दर्द, रक्तस्राव, नॉजिया, वजन बढ़ना, मूड बदलना, सिरदर्द, स्तनों का कोमल पड़ना जैसी समस्याएं पैदा हो सकती है। बीते कल में माइग्रेन, लिवर या हृदय रोग, स्तन या गर्भाशय कैंसर या अनियंत्रित रक्त चाप रहे होने की स्थिति में ये गोलियां खाने का सुझाव बिल्कुल भी नहीं दिया जाता है।”
फोर्टिस अस्पताल के निदेशक-बैरियाट्रिक और मेटाबॉलिक सर्जरी डॉ. अतुल एन.सी. पीटर ने कहा, “ऐसी गोलियां जो वजन बढ़ाने का वादा करती हैं वे फर्जी हैं।”
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