ओबामा ने भारत की सुरक्षा परिषद सदस्यता पर समर्थन दोहराया

वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार की स्थिति में एक बार फिर भारत की स्थाई सदस्यता के प्रति अपना समर्थन जताया।

वाशिंगटन, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार की स्थिति में एक बार फिर भारत की स्थाई सदस्यता के प्रति अपना समर्थन जताया।

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जोश अर्नेस्ट ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “राष्ट्रपति ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार की स्थिति में वह भारत को इसमें स्थाई सदस्य के रूप में शामिल करने का समर्थन करेंगे।”

अर्नेस्ट से जब नवंबर 2010 की ओबामा की भारत यात्रा के दौरान भी सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के लिए भारत को जताए गए अमेरिकी समर्थन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह हमारी विदेश नीति का हिस्सा है और हम इसे लेकर सजग हैं।”

अर्नेस्ट ने इस साल भारत के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ओबामा के ऐतिहासिक दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “जैसा कि हमने कई अवसरों पर कहा है कि राष्ट्रपति ने जनवरी में हुए अपने भारत दौरे का खूब आनंद उठाया।”

उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति भारत और अमेरिका की मित्रता में निहित अवसरों को गंभीरता से लेते हैं। दोनों देशों के संबंध न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में, बल्कि आर्थिक संबंधों की दिशा में भी महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रपति दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूती प्रदान करने को अपनी विदेश नीति की प्राथमिकता के रूप में देखते हैं।”

अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे हजारों भारतीयों सहित करीब 50 लाख अप्रवासियों के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर अर्नेस्ट ने कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है और इसका समाधान उसी तरह किया जाएगा।

ओबामा प्रशासन ने अवैध आप्रवासियों को उनके देश भेजने पर अस्थाई तौर पर रोक लगा रखी थी, जिसे अमेरिका की एक अदालत ने हटा दिया है। अदालत के फैसले से राष्ट्रपति की आव्रजन संबंधी कुछ कार्यकारी शक्तियों पर अमल रुक गया है।

इस बारे में अर्नेस्ट ने कहा, “हम कानूनी प्रणाली के तहत काम कर रहे हैं, जिसमें जिला अदालत के न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ अपील की जाएगी।”

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